कानपुर के हाई‑प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे में आखिरकार बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस ने तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी की पहली तस्वीर भी सामने आ गई है, जिसमें शिवम मिश्रा काले कपड़ों में पुलिस की गिरफ्त में नजर आ रहा है.

यह वही मामला है जिसमें करोड़ों की सुपरकार ने VIP रोड पर तेज रफ्तार में कई लोगों को टक्कर मारी थी, जिससे कई राहगीर घायल हुए थे. CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पुलिस ने पुष्टि की थी कि हादसे के वक्त गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था, हालांकि उसका पक्ष लगातार ड्राइवर को जिम्मेदार बताता रहा.
आज कोर्ट में पेश किया जाएगा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि शिवम को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां मामले की अगली कानूनी कार्यवाही शुरू होगी.
CCTV और जांच में क्या मिला था?
पुलिस ने प्रारंभिक जांच, CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर कहा था कि हादसे के तुरंत बाद बाउंसरों ने कार का शीशा तोड़कर शिवम को ड्राइवर सीट से निकाला, जो यह स्पष्ट करता है कि वही कार चला रहा था.
शिवम मिश्रा के वकील ने यह भी कहा कि मामले का शिकायतकर्ता तौफीक कोई कार्रवाई नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि हमारी शिकायत में हमने कहा था कि दुर्घटना के समय मोहन गाड़ी चला रहा था. मालूम हो कि इस हादसे में तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी ने 4 लोगों को रौंद दिया था. इस हादसे के बाद हुई पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठे. बाद में मीडिया में सवाल उठने पर स्थानीय पुलिस अधिकारी को भी लाइन हाजिर किया गया.
आरोपी के पिता ने कहा- ड्राइवर के साथ टेस्ट ड्राइव पर गया था शिवम
दूसरी ओर आरोपी शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा ने कहा “कार में दो लोग थे, शिवम और ड्राइवर… इस घटना से एक दिन पहले लैंबोर्गिनी में तकनीकी खराबी आ गई थी. दुर्घटना वाले दिन शिवम ड्राइवर के साथ कार की टेस्ट ड्राइव पर गया था. ड्राइव के दौरान शिवम को नींद आने लगी और ड्राइवर उसका सिर पकड़कर उसे सहारा दे रहा था. इसी दौरान अचानक उनके सामने एक टेम्पो आ गई. तब तक शिवम बेहोश हो चुका था और ड्राइवर घबरा गया.
कारोबारी बोले- हमारे घर में कोई शराब नहीं पीता
कारोबारी केके मिश्रा ने आगे बताया कि तभी बॉडीगार्ड मौके पर पहुंचे और शिवम को बचाने के लिए कार की खिड़कियां तोड़ दीं. जब बॉडीगार्ड शिवम को घर लाए तो मैंने अपने पारिवारिक डॉक्टर को फोन करके उसकी जांच करवाई. लगभग 30 मिनट बाद, उसे होश आ गया. डॉक्टर की सलाह पर हमने शिवम को आगे के इलाज के लिए दिल्ली भेजा, जहां उसका इलाज चल रहा है. हमारे परिवार में कोई भी शराब का सेवन नहीं करता है.














