राजस्थान, भरतपुर संभाग के सबसे बड़े राजकीय जनाना अस्पताल में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है. ब्लड स्टोरेज यूनिट (B.S.U.) में तैनात एक लैब टेक्नीशियन को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) करौली की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी लैब टेक्नीशियन पर संविदा नियुक्ति दिलाने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है.
एसीबी की इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार आरोपी राम कुमार, जो प्लेसमेंट कार्मिक के रूप में राजकीय जनाना चिकित्सालय भरतपुर में कार्यरत था. लंबे समय से पीड़ित व्यक्ति पर दबाव बना रहा था. शिकायत मिलने के बाद एसीबी करौली ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया. इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.
इस घटना पर क्या बोले एसीबी अधिकारी
एसीबी करौली प्रभारी जगदीश भारद्वाज ने बताया कि एसीबी चौकी करौली को एक शिकायत प्राप्त हुई थी. जिसमें परिवादी ने आरोप लगाया कि उसे जनाना चिकित्सालय भरतपुर में संविदा पर टॉली पुलर/वार्ड बॉय के पद पर नियुक्ति दिलाने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है. साथ ही कहा कि आरोपी के द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा है.
एबीसी टीम ने आरोपी को दबोचा रंगे हाथों
शिकायत की प्राथमिक जांच और सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई. ट्रैप के दौरान आरोपी राम कुमार ने परिवादी से 25 हजार रुपये की रिश्वत राशि ली. इसी दौरान एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया. फिलहाल एसीबी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. सरकारी अस्पताल में रिश्वतखोरी का यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.














