छपरा. छपरा में कुछ ऐसे लोग हैं जो अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी सजग रहते हैं. यही वजह है कि 100 साल की उम्र होने के बावजूद भी पूरी तरह से स्वस्थ हैं. इस उम्र भी दौड़ते हैं, साइकिल चलाते हैं, योग व्यायाम करने के साथ-साथ बिना चश्मा के बेहतर तरीके से किताब भी पढ़ते हैं. आज हम बात कर रहे हैं मांझी प्रखंड के 96 वर्षीय बिगहा गांव निवासी सूर्य्य देव प्रसाद की, जिनकी उम्र 100 के करीब हैं. लेकिन चेहरे का चमक, शरीर की चुस्ती फुर्ती संकेत दे रहा है कि 100 पार भी कर सकते हैं. सूर्य्य देव प्रसाद सुबह 3 उठकर स्नान ध्यान के बाद अपने कार्य में लग जाते हैं. ऐसा करना एक दिन का नहीं है पूरे साल के दिनचर्या में बन गया है.
सुबह 3 बजे उठने के बाद सबसे पहले बरस करके स्नान ध्यान करते हैं. उसके बाद अपने दोस्तों के साथ तीन से चार किलोमीटर पैदल टहलने निकल जाते हैं. घर पर आने के बाद लगभग 1 घंटे तक योगा, व्यायाम करते हैं. 96 साल की उम्र में भी कठिन से कठिन योग करते हैं. जिसको आज के युवा नहीं कर सकते हैं. उसके बाद परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर ठहाका लगाते हैं. हंसी मजाक लगभग 1 घंटा तक चलता है. ऐसा करना इनके प्रतिदिन के दिनचर्या में है. कभी-कभी तो पांच से 10 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर चल जाते हैं और चल भी आते हैं. यही मेहनत उन्हें स्वस्थ रखने का मुख्य राज्य है.
भोजन में क्या लेते हैं खास
सूर्य्य देव प्रसाद ने कभी भोजन ज्यादा नहीं किया, इनके द्वारा उतना ही भोजन लिया जाता है. जो आसानी से हजम कर जाए, भोजन में ज्यादा तेल मसाला नहीं रहता है. और नाही ज्यादा दूध फल का सेवन करते हैं. आसपास में मिलने वाला हरा सब्जी दाल चावल रोटी हल्का लेते हैं. शाम में एक गिलास दूध लेते हैं.
लोकल 18 से सूर्य सूर्य्य देव प्रसाद ने बताया कि बिना चश्मा लगाए मैं किताब भी आसानी से पढ़ लेता हूं, सुबह 3:00 के आसपास उठ जाता हूं. उसके बाद गुनगुना पानी एक से दो गिलास पी लेता हूं. कुछ देर इधर-उधर टहल कर या काम करने के बाद शौचालय जाता हूं. बरस करने के बाद 3:45 के बीच में स्नान कर लेता हूं. 10 से 15 मिनट ध्यान करता हूं. उसके बाद टहलने निकल जाता हूं. तीन से चार किलोमीटर टहलने के बाद योग व्यायाम करना प्रतिदिन मेरे रूटिंग में है. उसके बाद कुछ किताब पढ़ लेता हूं. किताब पढ़ने के बाद अपने परिवार के सदस्यों के साथ कुछ देर तक गपशप हंसी मजाक करता हूं.
स्वास्थ्य को लेकर कोई परेशानी नहीं
उन्होंने बताया कि मेरे घर में गाड़ियां बहुत ज्यादा हैं. लेकिन साइकिल इसलिए चलता हूं. ताकि मेरा फिटनेस बना रहे, ऐसे प्रतिदिन होता है. मैं संतों के संपर्क में शुरू से ही रहा हूं. जिस वजह से यह सभी मेरे दिनचर्या में बन गया है. और यही वजह है कि आज भी पूरी तरह से स्वस्थ हूं. मुझे स्वास्थ्य को लेकर कोई परेशानी नहीं है. भोजन में खेत का साग सब्जी घर का दूध लेता हूं. यही वजह है कि मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं.














