Chaitra Month 2026: हिंदू पंचांग में चैत्र का महीना साल का पहला महीना माना जाता है. इसी महीने से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है. इस महीने में पूजा-पाठ, व्रत और भगवान की भक्ति करने से पूरे साल सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. चैत्र माह धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें कई बड़े व्रत और त्योहार आते हैं.
कैसे पड़ा नाम चैत्र
ज्योतिष के अनुसार, चैत्र महीने की पूर्णिमा पर चित्रा नक्षत्र होता है, इसी कारण इस महीने का नाम चैत्र रखा गया है.
चैत्र माह कब से शुरू होगा?
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 3 मार्च 2026, मंगलवार को शाम 05:07 बजे से शुरू होगी. यह तिथि 4 मार्च 2026, बुधवार को शाम 04:48 बजे समाप्त होगी. उदयातिथि के नियम के अनुसार, चैत्र माह की शुरुआत 4 मार्च 2026, बुधवार से मानी जाएगी. इसी दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ भी माना जाएगा.
चैत्र माह के योग और नक्षत्र
चैत्र माह की शुरुआत धृति योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में हो रही है.
- धृति योग सुबह 08:52 बजे तक रहेगा
- इसके बाद शूल योग शुरू हो जाएगा
- पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सुबह 07:39 बजे तक रहेगा
- इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा
धृति योग को शुभ माना जाता है और इस समय अच्छे काम करना लाभकारी होता है. वहीं शूल योग को थोड़ा अशुभ माना जाता है, इसलिए इस समय सावधानी रखना जरूरी होता है.
स्वास्थ्य और प्रकृति पर प्रभाव
चैत्र माह में मौसम बदलता है. इस समय वसंत ऋतु खत्म होती है और गर्मी शुरू होने लगती है. आयुर्वेद के अनुसार, यह समय शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए अच्छा होता है. इस दौरान हल्का, सात्त्विक और पौष्टिक भोजन करना चाहिए. इससे शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियों से बचाव होता है.
नए संकल्प लेने का सही समय
चैत्र माह को नई शुरुआत और नए संकल्प लेने का सबसे अच्छा समय माना जाता है. इस महीने में लोग पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक साधना करते हैं. इसी महीने में चैत्र नवरात्रि भी आती है, जिसमें मां दुर्गा की पूजा की जाती है. मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर मां दुर्गा भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. चैत्र माह धार्मिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य के नजरिए से बहुत खास होता है. यह महीना नई शुरुआत, सकारात्मक सोच और भगवान की कृपा पाने का श्रेष्ठ समय माना जाता है.














