दिल्ली , राजधानी के वजीराबाद इलाके से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां एक शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गई जब एक पुलिस वाले ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार पुलिस वाले को शक था कि मृतक के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध है और इसी के चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
उत्तर प्रदेश के बागपत का रहने वाला था मृतक
जानकारी के मुताबिक आशीष उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला था और प्रवर्तन विभाग में मल्टी टास्किंग स्टाफ के रूप में कार्यरत था। वह अपने भाई के साथ एक पड़ोसी की शादी में शामिल होने वजीराबाद आया था। शादी खत्म होने के बाद जब दोनों भाई अपने गांव लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी आरोपियों ने रास्ते में रोककर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले आशीष को पिस्टल की बट से पीटा और फिर उसके सीने में गोली मार दी। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
मृतक और पुलिस वाले की पत्नी के बीच अवैध संबंध
इसके बाद आशीष का छोटा भाई अनुज अस्पताल लेकर पहुंचा जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के मुख्य आरोपी की पहचान परवेश के रूप में हुई है, जो दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक यूनिट में तैनात हेड कांस्टेबल है और वर्ष 2008 में सेवा में शामिल हुआ था। परवेश भी आशीष के गांव का ही रहने वाला है और अनुज के अनुसार, परवेश को शक था कि उसकी पत्नी और आशीष के बीच संबंध हैं। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले भी तनाव हो चुका था। बताया गया कि करीब चार महीने पहले परवेश ने आशीष के पिता से भी इसके बारे में शिकायत की थी। लेकिन इस मामले का निपटारा नहीं हुआ।
पुलिस कर रही मामले की जांच
अनुज के अनुसार इसी विवाद के चलते परवेश ने आशीष की हत्या कर दी। शादी समारोह के दौरान परवेश अपने भाई संदीप और साले विपिन व विकास के साथ पहुंचा था। यहीं कार्यक्रम के बाद उन्होंने आशीष की हत्या कर दी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने आशीष के शव को कब्जे में लिया। इसके बाद मौके पर क्राइम टीम और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) को बुलाकर सबूत जुटाए गए। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान परवेश, उसके भाई संदीप और साले विपिन को गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। चौथा आरोपी विकास अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।














