राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब ये मुश्किल होता नजर आ रहा है. OBC आयोग की रिपोर्ट अब तक नहीं आयी है. जबकि 31 मार्च तक आयोग को ये रिपोर्ट सरकार को सौंपनी थी, वहीं आयोग ने मुख्य सचिव को एक पत्र भी लिखा है.
OBC आयोग ने राज्य सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि जनाधिकार प्राधिकरण की ओर से अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के संबंध में जो डाटा उपलब्ध कराया गया है वो त्रुटिपूर्ण है इसके आधार पर पंचायतों के वार्ड पंच के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग की सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाना संभव नहीं हैं. ऐसे में सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया जाय कि सही सूचना और डाटा आयोग को भिजवाए.
पंचायत चुनाव की तारीखों के लिए करना पड़ सकता है इंतजार
फिलहाल, अब यही से बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है कि जब 31 मार्च 2026 रिपोर्ट सौंपने की अंतिम तारीख है. अब तक सही आंकड़े ही आयोग को नहीं सौंपे गए तो फिर आयोग रिपोर्ट कैसे तैयार करेगा? ऐसे में पंचायत चुनाव की तारीख के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है.
जनसंख्या के संबंध में आंकड़े त्रुटिपूर्ण
पंचायत राज विभाग के निर्देशों के अनुसार पंचायतों का गठन 1200 से अधिक की जनसंख्या पर किया गया है जबकि आयोग को मिले आंकड़ों में कई त्रुटियां पाई गई है जिनमें 403 पंचायतों में कुल जनसंख्या व अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या ज़ीरो दर्शाई गई है. 266 पंचायतों में कुल जनसंख्या 501-1000 हजार तक दर्शाई गई हैं. ऐसे में जनसंख्या के संबंध में उपलब्ध कराए गए आंकड़े त्रुटिपूर्ण है.
…तो पंचायत चुनाव में देरी तय
आपको बता दें कि 31 मार्च 2026 तक अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. फिलहाल, अब देखना होगा कि आयोग इस समय सीमा के भीतर रिपोर्ट सौंप देता है या नहीं? यदि समय सीमा के भीतर यह रिपोर्ट पेश नहीं हो पाती है तो पंचायत चुनाव में देरी हो सकती है.














