जोधपुर, राजस्थान की न्यायिक राजधानी जोधपुर से आज की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के प्रमुख एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। वांगचुक, जिन्हें लेह में हुई हिंसा के बाद 26 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जोधपुर की सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था, अब लगभग 6 महीने बाद खुली हवा में सांस ले सकेंगे। उन पर लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) वापस ले लिया गया है, जो इस पूरे मामले में एक बड़ा यू-टर्न माना जा रहा है।

170 दिन और जोधपुर जेल

सोनम वांगचुक को जब लद्दाख से जोधपुर लाया गया था, तब सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क थीं। जोधपुर जेल में उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था।

  • गिरफ्तारी की वजह: वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। लेह में हुई हिंसा के बाद उन पर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
  • राजस्थान का कनेक्शन: सुरक्षा कारणों से उन्हें उनके गृह क्षेत्र से दूर राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था। जोधपुर में उनकी मौजूदगी ने कई बार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों को विरोध प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया था।

NSA हटना क्यों है ‘बड़ी जीत’?

राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) एक बेहद सख्त कानून है, जिसके तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना किसी आरोप के लंबे समय तक हिरासत में रख सकती है। वांगचुक पर से NSA हटाना इस बात का संकेत है कि सरकार अब लद्दाख के मुद्दे पर बातचीत की मेज पर आने को तैयार है या फिर उन पर लगाए गए आरोपों की गंभीरता अब उतनी नहीं रही। गृह मंत्रालय के इस आदेश के बाद जोधपुर प्रशासन अब उनकी रिहाई की औपचारिकताओं में जुट गया है।

लद्दाख की मांग और वांगचुक का अडिग रुख

सोनम वांगचुक केवल एक कैदी के रूप में जोधपुर जेल में नहीं थे, बल्कि वे लद्दाख की पारिस्थितिकी (Ecology) और स्वायत्तता की आवाज बनकर वहां रहे। जेल के भीतर भी उनके समर्थकों का दावा है कि उन्होंने अपना संयम और अध्ययन नहीं छोड़ा। उनकी रिहाई की खबर मिलते ही जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर उनके कुछ समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया है।

रिहाई की प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजाम

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के सूत्रों के अनुसार, रिहाई के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। वांगचुक को जोधपुर से सीधे दिल्ली या लेह ले जाया जा सकता है। उनकी सुरक्षा को देखते हुए रिहाई के समय और मार्ग को गुप्त रखा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, जोधपुर जेल प्रशासन ने उनकी मेडिकल जांच और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है।

राजस्थान की राजनीति पर असर

वांगचुक की जोधपुर जेल में मौजूदगी ने राजस्थान की राजनीति में भी समय-समय पर हलचल मचाई। विपक्ष ने उनकी नजरबंदी को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। अब उनकी रिहाई से जोधपुर पुलिस और प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि हाई-प्रोफाइल कैदी की सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031