ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध का आज 19वां दिन है। युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिका और इज़रायल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं तो ईरान की तरफ से इज़रायल पर ही नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सहयोगी इस्लामिक देशों पर भी लगातार हमले किए जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार ईरान पर सरेंडर करने का दबाव बना रहा है, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इज़रायल के आगे वो झुकेगा नहीं।
”अमेरिका-इज़रायल के घुटने टेकने के बाद ही रुकेगा युद्ध”
ट्रंप लगातार ईरान को सरेंडर करने के लिए कह रहे हैं, लेकिन ईरान का रुख साफ है कि वो अपनी रक्षा के लिए जब तक ज़रूरी हुआ, युद्ध लड़ेगा और पीछे नहीं हटेगा। इसी बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने दो-टूक सुना दी है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मोजतबा का संदेश देते हुए बताया कि ईरानी सुप्रीम लीडर ने कहा है, “जब तक अमेरिका और इज़राइल इस युद्ध में घुटने नहीं तक देते, हार स्वीकार नहीं कर लेते और ईरान को हुए नुकसान मुआवज़ा नहीं देते, तब तक शांति नहीं होगी और युद्ध नहीं रुकेगा।”
क्यों चाहते हैं मुआवज़ा?
युद्ध की वजह से ईरान को अब तक काफी नुकसान हो चुका है। इस नुकसान की भरपाई के लिए मोजतबा चाहते हैं कि अमेरिका और इज़रायल मुआवज़ा चुकाए। इतना ही नहीं, मोजतबा ने धमकी भी दी है कि अगर उनकी बात नहीं मानी गई, तो ईरान अमेरिका और इज़रायल की उतनी संपत्ति जब्त कर लेगा जितनी चाहता है। मोजतबा ने यह भी कहा कि अगर ऐसा संभव नहीं हुआ, तो ईरान दुश्मन की उतनी ही संपत्ति नष्ट कर देगा, जितना उन्हें नुकसान हुआ है।



















