कवर्धा – पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा कबीरधाम जिला, पंडरिया विधानसभा एवं प्रदेश से जुड़े प्रमुख एवं जनहित से जुड़े विषयों को लगातार विधानसभा पटल पर रख रही हैं। बुधवार को विधानसभा में उन्होंने स्कूल शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सदन के समक्ष रखा। उन्होंने शासकीय विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, बालिकाओं के लिए शौचालय, शिक्षकों की कमी और छात्र-छात्राओं के मूलभूत सुविधाओं सहित परंपरागत एवं कुटीर उद्योगों के लिए सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं के सन्दर्भ में प्रश्न किया।

विधायक भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि क्या पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की शौचालय विहीन शालाओं को चिन्हांकित कर सूचीबद्ध किया गया है? उक्त शौचालय विहीन शासकीय शालाओं में छात्राओं एवं महिला स्टाफ हेतु शौचालय निर्माण कार्य एवं मूलभूत सुविधा की उपलब्धता कब तक सुनिश्चित की जावेगी? जिसके लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव बताया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की शौचालय विहीन शालाओं को चिन्हांकित किया गया है जिसके तहत कवर्धा विकासखंड में 9, सहसपुर लोहरा विकासखंड में 27 और पंडरिया विकासखंड में 129 शासकीय विद्यालयों  को चिन्हांकित किया गया है। शौचालय निर्माण कार्य एवं मूलभूत सुविधा की उपलब्धता बजट उपलब्धता के आधार पर स्वीकृति की जाती है। उन्होंने पंडरिया विधानसभा अंतर्गत संचालित शासकीय शालाओं के भवनों की स्थिति के विषय में पूछा कि क्या विभाग द्वारा पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय शालाओं के भवनों की वर्तमान स्थिति के संबंध में कोई सर्वेक्षण/निरीक्षण कराया गया है? यदि हाँ, तो उक्त सर्वेक्षण/रिपोर्ट में कितनी ऐसी शासकीय शालाओं का उल्लेख है जो भवनविहीन, जर्जर, अतिजर्जर एवं अन्य भवनों में संचालित हो रही हैं ? उक्त भवनविहीन एवं जर्जर शालाओं हेतु नवीन भवन निर्माण अथवा मरम्मत के लिए विभाग द्वारा क्या कोई समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है उक्त हेतु वर्ष 2024 से 15 जनवरी, 2026 तक कितनी राशि स्वीकृत की गई है? स्वीकृत कार्यों में से कितने पूर्ण हो चुके हैं एवं शेष को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? स्कूल शिक्षा मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शासकीय शालाओं के भवनों की वर्तमान स्थिति के संबंध में कोई सर्वेक्षण या निरिक्षण नहीं कराया गया है इसलिए अन्य प्रश्न उद्भुद नहीं होते।

भावना बोहरा ने परंपरागत एवं कुटीर उद्योगों हेतु संचालित योजनाओं के विषय में प्रश्न किया कि क्या राज्य सरकार द्वारा परंपरागत एवं कुटीर उद्योगों (हथकरघा, हस्तशिल्प आदि) के संरक्षण, संवर्धन एवं विपणन हेतु कोई विशेष योजना संचालित की जा रही है? कबीरधाम जिले में उक्त योजनाओं के अंतर्गत वर्तमान में कितने हथकरघा/हस्तशिल्प कारीगर एवं कुटीर उद्योग इकाईयाँ पंजीकृत हैं? कबीरधाम जिले में परंपरागत कारीगरों को प्रशिक्षण, डिजाइन उन्नयन एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु पिछले दो वर्षों में कितनी राशि व्यय की गई है? स्कूल शिक्षा मंत्री ने लिखित उत्तर में बताया कि ग्रामोद्योग विभाग अंतर्गत परंपरागत एवं कुटीर उद्योगों के संरक्षण, संवर्धन एवं विपणन हेतु कोई विशेष योजना संचालित नहीं है, अपितु विभाग अंतर्गत परंपरागत एवं कुटीर उद्योगों हेतु समग्र हाथकरघा विकास योजना, रिवाल्विंग फण्ड योजना, हाथकरघा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास कार्य, हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार हेतु सहायता, बाजार अध्ययन, हाथकरघा बुनकर पुरस्कार योजना, कम्बल प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, टसर रेशम विकास एवं विस्तार योजना, मलबरी रेशम विकास एवं विस्तार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, कारीगर प्रशिक्षण योजना, हस्तशिल्प विकास योजनाओं हेतु अनुदान, शिल्पियों को उन्नत औजार उपकरण/कर्मशाला निर्माण सहायता, परम्परागत शिल्पकारों/बेरोजगार युवकों को रोजगार हेतु प्रशिक्षण, राज्य स्तरीय हस्तशिल्प पुरस्कार योजना, हस्तशिल्पियों को कार्यशील पूंजी अनुदान, शिल्पी/शिल्पियों के बच्चों हेतु डिजाईन एवं विकास शिक्षा योजना, प्रदर्शनी प्रचार-प्रसार योजना तथा कुम्भकार टेराकोटा योजना संचालित है। कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखण्ड में 01 बुनकर सहकारी समिति, बोड़ला विकासखण्ड में 01 रेशम कृमिपालन समूह एवं 01 कुम्हार, पंडरिया विकासखण्ड में 01 कुम्हार तथा सहसपुर-लोहारा विकासखण्ड में 15 कुम्हार इस प्रकार जिले में कुल 01 बुनकर सहकारी समिति, 01 रेशम कृमिपालन समूह एवं 17 कुम्हार पंजीकृत है।कबीरधाम जिले में विगत दो वर्षों में कुम्भकार टेराकोटा योजनांतर्गत सहसपुर-लोहारा विकासखण्ड के 03 कुम्भकारों को निशुल्क विद्युत चाक वितरण किया गया है, जिसमें कुल राशि रू. 65 हजार व्यय की गई है।

कबीरधाम जिला में संचालित एकल शिक्षकीय विद्यालय के विषय में भावना बोहरा ने प्रश्न किया कि जिला कबीरधाम में संचालित एकल शिक्षकीय विद्यालयों की कुल संख्या कितनी है? कबीरधाम जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से प्रभावित कौन-कौन से विद्यालय हैं? जिसके लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री जी ने बताया कि कबीरधाम जिला अंतर्गत बोड़ला विकासखंड में 9 विद्यालय, पंडरिया विकासखंड में 3 और सहसपुर विकासखंड में 2 विद्यालय इस पराक्र कुल 14 एक शिक्षकीय विद्यालय हैं। उन्होंने बताया कि कबीरधाम जिला में  युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से कुल 276 विद्यालय में प्रभावित हुए हैं जिनकी सूचि उन्होंने उपलब्ध कराई है।

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