रायपुर। दंतेवाड़ा की भेौगोलिक संरचना ही ऐसी है कि यहां सिंचाई सुविधा को दुरुस्त करना शासन के लिए चुनौती पूर्ण है। यहां की बसाहट छोटे छोटे पारों तथा यहां लोगों के पास खेती योग्य जो जमीन है वो भी छोटे छोटे एवं दूर-दूर है। जिसकी वजह से सभी तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। परंतु राज्य शासन की योजनाओं को जिले के सिंचाई विभाग ने कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देशानुसार इस तरह से धरातल पर क्रियान्वित किया है जो सराहनीय है। जल संसाधन विभाग ने जिले में एनी कट निर्माण एवं नहरों का जीर्णद्धार का कार्य योजनाबद्ध तरीके से करके ना केवल जिले में सिंचाई की उपलब्धता को बढ़ाया है बल्कि किसानों के जीवन को भी खुशहाल बनाया है। जल संसाधन संभाग दंतेवाड़ा के अंतर्गत 28 निर्मित लघु सिंचाई योजनाएं एवं 08 एनीकट निर्मित हैं। इनमें पालनार एनीकट, बेंगलूर एनीकट, मोलसनार एनीकट, बालोद एनीकट, परचेली एनीकट, बारसूर एनीकट, बड़े कमेली एनीकट, अलनार एनीकट, जिसका कुल 9 सौ 32 हेक्टेयर में से लगभग 3 सौ 82 कृषक लाभान्वित हुए हैं। लघु सिंचाई योजनाओं में बारसूर तालाब, कारली, गुमड़ा, फरसपाल, गीदम नाला व्यपवर्तन, फून्डरी उद्वहन योजना, फरसपाल उद्वहन, बिंजाम उद्वहन, टेकनार तालाब, बालपेट उद्वहन योजना, भोगाम उद्वहन, बालूद तालाब, डेगलरास तालाब, चितालूर तालाब, गंजेनार तालाब, कुम्हररास तालाब, भैरमबंद तालाब, गमावाड़ा व्यपवर्तन, नरेली व्यपवर्तन, बासनपुर व्यपवर्तन, गोडरे व्यपवर्तन, बालूद उद्वहन, दंतेवाड़ा व्यपवर्तन, रेंगानार व्यपवर्तन, पालनार तालाब, कुआकोंडा तालाब, तारोली व्यपवर्तन, क्रमांक-1 तारोली व्यपवर्तन क्रमांक-2 में कुल 28 निर्मित लघु सिंचाई योजनाएं योजनाओं की अंकित सिंचाई क्षमता 7341 है हेक्टेयर है। योजनाओं से पूर्व 2018-19 में 902 हेक्टेयर एवं वर्ष 2019-20 में 1595 क्षेत्र में सिंचाई किया गया है। जल संसाधन सभांग दन्तेवाड़ा अन्तर्गत वर्ष 2019-20 में 07 कार्य- रेंगानार व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार, तारोली व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार, गंजेनार तालाब योजना का जीर्णोद्धार, गोडरे व्यपवर्तन योजना का जीर्णोद्धार, बड़े कारली एनीकध्अ, तोयलंका एनीकट, भुसारास एनीकट प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई। जिसकी कुल लागत रूपये 1310.88 लाख है। जिसमें 04 कार्य नहर जीर्णोद्धार के एवं 03 कार्य एनीकट निमार्ण के हैं। वर्तमान में विभाग अन्तर्गत 11 निमार्ण कार्य प्रगति पर हैं, जिसमें 01 कार्य जलाशय, 05 एनीकट निमार्ण कार्य एवं 05 नहर जीर्णोद्धार के कार्य हैं। निमार्ण कार्यों के पूर्ण होने पर जलाशय से 268 हेक्टेयर एनीकटों से 725 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र निर्मित होंगे। नहर जीर्णोद्धार के कार्य पूर्ण होने पर 2875 हेक्टेयर में सिंचाई में वृद्धि हुई है।
प्यासी धरती को मिला पानी चारों ओर छाई हरियाली : लहलहाए खेत और किसानों में फैली खुशहाली
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