मुंबई : ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे अपने सांसदों को साधने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने रविवार को अपने निवास ‘मातोश्री’ पर पार्टी सांसदों की बैठक बुलाई। बैठक में नाराज सांसदों को समझाने और उनके गिले-शिकवे दूर करने की कोशिश की गई। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे से मुलाकात न हो पाने को लेकर नाराज सांसदों से सीधे बातचीत कर डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की गई। बैठक में उद्धव ठाकरे के साथ युवा सेना प्रमुख और विधायक आदित्य ठाकरे, सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी, ओमराजे निंबालकर, नागेश पाटील-आष्टीकर, संजय दीना पाटील, राजाभाऊ वाजे, संजय देशमुख और भाऊसाहेब वाकचौरे मौजूद थे।
उद्धव सेना के एक नेता ने बताया कि सांसदों से कहा गया कि ‘मातोश्री’ के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले है। किसी भी मुद्दे को वे सीधे या अन्य नेताओं के माध्यम से उद्धव ठाकरे तक पहुंचा सकते है। उद्धव और आदित्य से मिलने के बाद सभी सांसदों के गीले-शिकवे दूर हो गए।
संवाद की कमी से बढ़ी नाराजगी
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में संजय राउत के घर पर जुटे सांसदों ने यह शिकायत की कि वे पार्टी नेतृत्व से ठीक तरह से मिल नहीं पा रहे हैं, और संवाद की कमी लगातार बनी हुई है। इस दौरान कुछ सांसदों ने आदित्य ठाकरे की सक्रियता पर भी सवाल उठाए। वही, उपमुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष एकनाथ शिंदे के हालिया दिल्ली दौरे के बाद ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं ने उद्धव सेना के लिए स्थिति और पेंचीदा कर दी। इसी के बाद उद्धव ठाकरे ने खुद पहल करते हुए सभी सांसदों की बैठक बुलाई और स्थिति को संभालने के लिए जरूरी संवाद स्थापित करने की कोशिश की।
फंड और एकजुटता पर जोर
उद्धव सेना के एक नेता ने बताया कि सांसदों को पार्टी के प्रति वफादारी के साथ काम करने को कहा गया है। सांसदों की शिकायत थी कि उन्हें उपयुक्त फंड नही मिलता। इस पर उद्धव ने कहा कि शिवसेना लड़कर हक पाने वाली पार्टी है, इसलिए सरकार के खिलाफ लड़ना होगा। करीब एक घंटे चली बैठक में शिकायतें सुनी गई और एकजुट रहने का संदेश दिया गया।-शशि मिश्रा



















