दंतेवाड़ा -दंतेवाड़ा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के बीच बड़ी सफलता मिली है। पांच नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। इन सभी पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार, सरेंडर के बाद नक्सलियों से पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर 40 हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें एसएलआर, इंसास रायफल, कार्बाइन, 303 रायफल और बीजीएल लॉन्चर जैसे हथियार शामिल हैं। इस कार्रवाई को माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के पश्चिम बस्तर डिवीजन से जुड़े थे। इनमें एक एरिया कमेटी सदस्य (ACM) और अन्य पार्टी सदस्य शामिल हैं। सभी ने दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” योजना के तहत मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
इस दौरान आईजी बस्तर रेंज, डीआईजी सीआरपीएफ, कलेक्टर और एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक 607 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 54 मारे गए और 92 को गिरफ्तार किया गया है।
आईजी बस्तर रेंज ने कहा कि पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर करने वाले युवाओं को सुरक्षा, रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पुलिस का मानना है कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों और पुनर्वास नीतियों के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहा है और अधिक से अधिक लोग मुख्यधारा में लौट रहे हैं।



















