गुजरात के सूरत में जैन समुदाय की महिलाओं के समूह ने एक जैन मुनि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इसको लेकर महिलाएं पुलिस के पास पहुंचीं. कार्रवाई की मांग उस समय सामने आई जब सोशल मीडिया पर एक कथित अश्लील वीडियो वायरल हुआ. 

वहीं, जैन मुनि ने इन आरोपों को ‘बेबुनियाद अफवाहें’ बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ गलत सूचना फैलाना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है. महिलाओं के समूह ने रविवार, 29 मार्च को सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत को एक आवेदन सौंपकर जैन मुनि चंद्र सागर मुनि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

‘जैन समुदाय की न हो बदनामी’

महिलाओं की दलील है कि अगर इस मामले को तुरंत हल नहीं किया गया तो जैन समुदाय की बदनामी हो सकती है. समूह की एक सदस्य ने कहा, ‘ये सब कुछ समय से चल रहा है. हमने अपने आवेदन के माध्यम से मांग की है कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि हमारे जैन समुदाय को उनकी वजह से बदनामी न झेलनी पड़े.’

जैन मुनि के खिलाफ अफवाह फैलाने का आरोप

महिला ने कहा, ‘उनके कुकर्मों के कारण, हम दृढ़ता से चाहते हैं और मांग करते हैं कि उन्हें हटाया जाए.’ जैन मुनि के वेश में एक व्यक्ति का अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया. आरोपों का जवाब देते हुए, जैन मुनि ने किसी भी प्रकार की गलती से इनकार किया और दावा किया कि कुछ समूह जानबूझकर उनके खिलाफ गलत सूचना फैला रहे हैं.

जैन मुनि ने वीडियो जारी कर खारिज किए सभी आरोप

उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ‘कुछ समय से कुछ लोग मेरे बारे में अफवाहें फैला रहे हैं. मुझे पता चला है कि कुछ महिलाएं पुलिस आयुक्त के पास गई हैं.’ उन्होंने आरोप लगाने वालों को चुनौती देते हुए सवाल किया कि क्या वे कभी उनसे मिली हैं या उन्हें आरोपों की कोई प्रत्यक्ष जानकारी है. 

पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान नहीं 

जैन मुनि ने कहा, ‘आप मुझसे कब मिली हैं? क्या आपको पता है कि वास्तव में क्या हुआ है? आप मुझसे कहीं नहीं मिली हैं और फिर भी अपनी राय दे रही हैं.’ पुलिस ने अभी तक महिलाओं के समूह के आवेदन के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

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