अहमदाबाद: पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से टीएमसी की टिकट पर जीतकर संसद पहुंचे पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान सरकारी जमीन कब्जाने के मामले में अपनी याचिका वापस ले ली है। वडोदरा नगर निगम के जमीन खाली करने की नोटिस के बाद यूसुफ पठान ने गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया था, हाईकोर्ट ने यूसुफ पठान के सरकारी जमीन कब्जाने पर उन्हें ‘अतिक्रमणकारी’ करार दिया था। पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने सोमवार यानी 31 अगस्त को गुजरात हाई कोर्ट से सिंगल जज के अगस्त 2025 के आदेश के खिलाफ अपनी अपील वापस ले ली। गौरतलब हो कि यूसुफ पठान के कब्जे में निगम का एक प्लॉट है। यह मामला बीजेपी के पार्षद नितिन डोंगा ने उठाया था। इसके बाद निगम ने नोटिस जारी की थी, लेकिन टीएमसी से बागी होने के बाद बीजेपी पार्षद शांत हो गए थे।
कोट में क्या कुछ हुआ?
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को गुजरात हाईकोर्ट में इस यूसुफ पठान की याचिका पर सुनवाई हुई। पठान की तरफ से पेश सीनियर वकील शालीन मेहता ने चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन रे की डिवीजन बेंच के सामने कहा कि हमने बार-बार समय मांगा है क्योंकि हम कॉर्पोरेशन के जवाब का इंतजार कर रहे थे, लेकिन हमें काेई उत्तर नहीं मिला। यूसुफ पठान के वकील ने एक सर्कुलर का हवाला दिया। जिसमें इंटरनेशनल क्रिकेटर को जमीन देने की बात कही गई है। इसके बाद कोर्ट ने यूसुफ पठान के वकील को उन्हें अपनी अपील वापस लेने का इंस्ट्रक्शन दिया था। यह डेवलपमेंट ऐसे वक्त पर हुआ जब वीएमसी ने यूसुफ पठान के कब्जे वाले प्लॉट को नीलामी के लिए रखने का फैसला किया था लेकिन कांग्रेस के विरोध के कारण वीएमसी को यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा था। कांग्रेस की मांग पहले प्लॉट को कब्जामुक्त कराया जाए फिर ओपन बोली लगे ताकि वीएमसी को ज्यादा ऊंची बोली मिल सके।
सिंगल जज के ऑर्डर को दी थी चुनौती
यूसुफ पठाने सिंगल जज के सामने राज्य सरकार के 6 जून, 2024 के नोटिस/ऑर्डर को चुनौती दी थी, जिसमें वडोदरा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (वीएमसी) के उस प्रपोजल को खारिज कर दिया गया था जिसमें पठान के पक्ष में 978 Sq मीटर का प्लॉट बिना कोई पब्लिक ऑक्शन किए 99 साल के लिए लीज पर अलॉट करने का प्रपोजल था। हाईकोर्ट ने वीएमसी को यह भी निर्देश दिया गया कि वह उस प्लॉट से जल्द से जल्द कब्जा हटाने के लिए जरूरी कदम उठाए।
हाईकोर्ट ने की थी तल्ख टिप्पणी
यूसुफ पठान पर आरोप है कि वह बिना कोई अलॉटमेंट ऑर्डर जारी हुए ही प्लॉट को कब्जे में रखे हुए हैं। पठान के पास यह प्लॉट 2012 से है। सिंगल जज ने यह भी दोहराया था कि सेलिब्रिटी सोशल रोल मॉडल होते हैं और अपनी शोहरत और पब्लिक में मौजूदगी की वजह से वे लोगों के व्यवहार पर काफी असर डालते हैं, इसलिए कानून न मानने के बावजूद उन्हें नरमी देना समाज में गलत मैसेज देता है। अपील वापस ले ली गई मानकर खारिज कर दी गई। वडोदरा नगर निगम की नोटिस के बाद खुद ही यूसुफ पठान हाईकोर्ट गए थे।



















