Iran-US Talks Fail: ईरान-अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई मैराथन बैठक बेनतीजा रही. ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि जब तक अमेरिका अपनी नाजायज मांगें नहीं छोड़ता, समझौता मुमकिन नहीं है. वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे ईरान का नुकसान बताया.

Iran-US Talks Fail: इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच करीब 21 घंटे चली लंबी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है. रविवार (12 अप्रैल)  को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ किया कि ईरान ने उनके ऑफर को स्वीकार नहीं किया, जो कि ईरान के लिए ही ज्यादा बुरी खबर है.

दूसरी ओर, इस चर्चा के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बड़ी बातें साझा कीं. बकाई ने साफ कहा कि बातचीत की सफलता इस बात पर टिकी है कि अमेरिका ईरान के जायज हक और हितों को स्वीकार करे. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका को अपनी ‘बेजा मांगों (नाजायज मांगें) और गैरकानूनी शर्तों’ से पीछे हटना होगा.

बकाई का बयान: पुरानी गलतियों को नहीं भूलेगा ईरान

इस्माइल बकाई ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हमारे लिए डिप्लोमेसी देश की रक्षा के लिए एक पवित्र संघर्ष (जिहाद) की तरह है. उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि ईरान अमेरिका की वादाखिलाफी और पुरानी कड़वी यादों को नहीं भूला है. बकाई ने दूसरे और तीसरे थोपे गए युद्धों के दौरान अमेरिका और ‘जायोनी शासन’ (इजरायल) द्वारा किए गए अपराधों का भी जिक्र किया और कहा कि ईरान इन्हें कभी माफ नहीं करेगा

इन बड़े मुद्दों पर हुई लंबी चर्चा

इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुई इस बैठक में कई गंभीर विषयों पर बातचीत हुई. बकाई के अनुसार, पिछले 21 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज), न्यूक्लियर मुद्दा, युद्ध का हर्जाना, ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र में जारी युद्ध को पूरी तरह खत्म करने जैसे अहम पॉइंट्स पर चर्चा की गई है. दोनों देशों के बीच कई मैसेज और ड्राफ्ट्स शेयर किए गए हैं.

ईरान का इरादा: ‘नुकसान ने हमें और मजबूत बनाया’

ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि देश ने हाल के समय में अपने बड़े बुजुर्गों और देशवासियों को खोया है, जिससे उनका इरादा और भी पक्का हो गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान अपनी सभ्यता और हितों की रक्षा के लिए डिप्लोमेसी समेत हर मुमकिन रास्ते का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने साफ किया कि कोई भी ताकत ईरान को उसके ऐतिहासिक मिशन से पीछे नहीं हटा सकती.

अमेरिका का पक्ष: ईरान ने ऑफर नहीं माना

दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बातचीत पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. वेंस ने कहा कि ईरान के साथ काफी गहरी चर्चा हुई है, जो एक अच्छी खबर है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है. जेडी वेंस के अनुसार, समझौता न होना अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है, क्योंकि ईरान ने दिए गए ऑफर को स्वीकार नहीं किया है. अब अमेरिकी डेलिगेशन बिना किसी एग्रीमेंट के वापस लौट रहा है.

वेंस बोले- ट्रंप और रुबियो से लगातार ले रहे थे सलाह

जेडी वेंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वे बातचीत के दौरान लगातार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संपर्क में थे. उनके साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो, युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ, ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट और यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर भी टीम का हिस्सा थे. वेंस ने कहा कि अमेरिका ने काफी लचीला रुख अपनाया था, लेकिन हम ऐसी स्थिति में नहीं पहुंच पाए जहां ईरान हमारी शर्तें मान ले.

अब आगे क्या होगा?

अमेरिका ने साफ किया है कि वे अब वापस लौट रहे हैं और उन्होंने ईरान के सामने अपना ‘फाइनल और बेस्ट’ प्रस्ताव रख दिया है. अब यह ईरान पर निर्भर करता है कि वह इसे स्वीकार करता है या नहीं. वेंस ने दोहराया कि वाशिंगटन चाहता है कि तेहरान न्यूक्लियर हथियार न बनाने और उसके जरूरी साधनों को छोड़ने की पक्की प्रतिबद्धता जताए. पाकिस्तान की मध्यस्थता में शनिवार सुबह से शुरू हुई यह बातचीत फिलहाल डेडलॉक (गतिरोध) पर आकर रुक गई है.

Advertisement Carousel
Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031