महाराष्ट्र के अमरावती जिले में 180 महिलाओं और लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो ऑनलाइन वायरल करने के आरोप में 19 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने बुधवार को दी। अमरावती निवासी राज्यसभा सदस्य अनिल बोंडे ने इस मामले की एक विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान अयान अहमद तनवीर अहमद के रूप में हुई है, जो अमरावती जिले के परतवाड़ा का निवासी है।
उन्होंने बताया कि उसे 11 अप्रैल को तब हिरासत में लिया गया जब कुछ महिलाओं और लड़कियों के साथ उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आये। परतवाड़ा पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया, पीड़ित नाबालिग प्रतीत होती हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें बहला-फुसलाकर उनकी मर्जी के खिलाफ अश्लील तस्वीरें लीं, वीडियो बनाये और पीड़ितों को बदनाम करने के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और सबूत जुटाने के लिए उसकी जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 294 (अश्लील सामग्री की बिक्री और वितरण), पॉक्सो की धारा आठ और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है। पुलिस ने बताया कि पीड़ितों में से किसी ने भी इस मामले में पुलिस से संपर्क नहीं किया है। पुलिस ने पीड़ितों और उनके परिवारों से आगे आकर मामले में सहयोग करने की अपील की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
यूं बिछाता था जाल
अयान पहले अमरावती के कोचिंग सेंटर में खुद की एडमिशन करवाता उसके बाद सेंटर की लड़कियों के साथ दोस्ती करता और फिर उन्हें अपने प्यार के जाल में फंसा होटलों में ले जाता जहां वह उनकी अश्लील वीडियों बनाता था और उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल करता। उसने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय की लड़कियों को अपना शिकार बनाया। भाजपा सांसद की शिकायत पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस बारे में सांसद को उस समय जानकारी मिली जब आरोपी अयान एक अश्लील वीडियो 50,000 रुपए बेचने की फिराक में था।
वहीं दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने भी पुलिस स्टेशन जाकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और समुदाय की प्रतिष्ठा को धूमिल होने से बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मोहम्मद अयाज़ कथित तौर पर पहले एआईएमआईएम के पदाधिकारी रह चुके हैं। उनके द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और तस्वीरों में, वे MIM के अमरावती अध्यक्ष हाजी इरफान खान से पत्र प्राप्त करते और पार्टी की रैलियों में सोशल मीडिया ‘REEL’ रिकॉर्ड करते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, मामला सामने आने के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से ऐसे कई वीडियो हटा दिए गए हैं।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों से बात करते हुए सांसद बोंडे ने दावा किया कि इस मामले में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। उन्होंने SIT और साइबर कर्मियों द्वारा इसकी जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि एक गिरोह ने (ऐसे अपराधों के लिए) स्नैपचैट और व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को आरोपी का मोबाइल फोन जब्त करना चाहिए और उसके साथियों के साथ हुई बातचीत का पता लगाना चाहिए।



















