दुनिया में आए दिन वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन कुछ वीडियो सीधे रूह को छू जाते हैं. इन दिनों इंस्टाग्राम पर एक ऐसे ही बाप-बेटी की जोड़ी ने सबका दिल जीत लिया है. वीडियो में दिख रहा है कि एक साधारण सा दिखने वाला शख्स अपनी छोटी सी लाडली को स्कूल से घर ले जा रहा है. सवारी कोई महंगी गाड़ी नहीं, बल्कि एक पुरानी खटारा साइकिल है, लेकिन उस पर बैठी बच्ची का ठाठ किसी ‘रानी’ से कम नहीं है.
ग्रेजुएशन कैप और मेडल वाली ‘सुपरगर्ल’
बच्ची स्कूल यूनिफॉर्म में है और उसके सिर पर ‘ग्रेजुएशन कैप’ सजी हुई है. जैसे ही कैमरा पास आता है, वो बड़े फख्र के साथ अपना मेडल दिखाती है और मासूमियत से कहती है- ‘मेडल भी है.’ उसकी आंखों की वो चमक और चेहरे का वो नूर बता रहा है कि, उसके लिए ये छोटी सी जीत पूरी कायनात जीतने के बराबर है. पिता के पास भले ही देने को आलीशान सुख-सुविधाएं न हों, पर उनकी खामोश मुस्कान ने ये साफ कर दिया कि उनकी बेटी ही उनकी असली दौलत है.
आजकल के दिखावे वाले दौर में जहां लोग हर छोटी बात का ढिंढोरा पीटते हैं, वहां इस पिता का सादगी भरा अंदाज सुकून देता है. न कोई फिल्टर, न कोई बनावट, बस एक बाप का अपनी बेटी की कामयाबी पर गर्व. इस वीडियो को अब तक लाखों लोग देख चुके हैं. लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि ‘असली खुशी बाजार में नहीं, बल्कि ऐसे ही छोटे-छोटे पलों में मिलती है.’ किसी ने कहा कि ये वीडियो बचपन की उन मीठी यादों की गलियों में ले गया जब हम भी छोटी सी जीत पर हवा में उड़ते थे.
यह नजारा सिर्फ एक वीडियो क्लिप नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है, जो खुशियों को पैसों से तौलते हैं. बच्ची की वो खिलखिलाहट और पिता का साइकिल पैडल मारते हुए उसे संभालना, ममता और पिता के साये की सबसे बेहतरीन तस्वीर है. यह वीडियो बताता है कि बच्चों को महंगे खिलौने नहीं, बल्कि माता-पिता का वक्त और उनका हौसला चाहिए होता है. ये वायरल वीडियो साबित करता है कि अगर साथ निभाने वाला मजबूत हो, तो टूटी साइकिल पर भी जन्नत का सफर तय किया जा सकता है. बेटी की जीत और पिता का ये देसी अंदाज वाकई बेमिसाल है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. )



















