बठिंडा : शहर के एक रेत-बजरी व सीमेंट कारोबारी की आत्महत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामले में पुलिस ने कोर्ट परिसर से जुड़े कर्मचारियों समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है। वहीं, एक डीएसपी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

मृतक की पहचान नई बस्ती निवासी 33 वर्षीय संदीप कुमार उर्फ सोनू बंसल के रूप में हुई है, जो ‘डीएल एंड कंपनी’ के नाम से कारोबार करता था। उसने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ निगलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आत्महत्या से पहले उसने करीब 10 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें कई लोगों पर मानसिक प्रताड़ना, धोखाधड़ी और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए।

पैसों के विवाद ने लिया जानलेवा रूप 

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सोनू बंसल ने एक निर्माणाधीन मकान के लिए आरोपित दंपती को सीमेंट और बजरी सप्लाई की थी। आरोप है कि कम दाम पर सामग्री देने के बावजूद बाद में भुगतान को लेकर विवाद खड़ा कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, पूरा माल देने के बाद भी सोनू पर पैसे लौटाने का दबाव बनाया गया। वीडियो में सोनू ने खुद माना कि बिना पक्की रसीद के सामान देना उसकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। उसने यह भी बताया कि करीब 8 लाख रुपये की एक एंट्री उसकी पत्नी के खाते में करवाई गई, जिसके बाद उसे उल्टा फंसाने की कोशिश शुरू हो गई।

वीडियो में लगाए सनसनीखेज आरोप 

सुसाइड से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में सोनू बंसल ने कोर्ट से जुड़े कर्मचारियों, उनकी पत्नी और एक वकील पर आरोप लगाया कि उन्होंने उससे सामान लेने के बाद उसे ही पैसे लौटाने के लिए धमकाना शुरू कर दिया। उसने दावा किया कि ऑनलाइन पेमेंट को आधार बनाकर उसके खिलाफ झूठा केस तैयार किया जा रहा था। इतना ही नहीं, उसने संबंधित डीएसपी और कुछ पुलिस कर्मियों पर भी लगातार दबाव बनाने के आरोप लगाए। वीडियो में सोनू ने कहा कि उसे रोजाना कई फोन कॉल कर परेशान किया जाता था, घर के बाहर आकर हंगामा किया जाता था और केस में फंसाने व जान से मारने तक की धमकियां दी जाती थीं।

“मुझे जीने नहीं दिया जा रहा” 

वीडियो में भावुक होते हुए सोनू ने कहा कि उसे इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। उसने साफ तौर पर कुछ लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। घटना के बाद परिजनों और व्यापारियों में भारी रोष फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सिविल अस्पताल के बाहर जुटे और धरना प्रदर्शन किया। परिवार ने सभी आरोपितों की गिरफ्तारी और संबंधित डीएसपी पर भी केस दर्ज करने की मांग की।

धरने के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई 

लंबे समय तक चले प्रदर्शन और बातचीत के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की। मृतक के भाई मनीष कुमार के बयान पर थाना कोतवाली में रीडर रेनू बाला, उसके पति रमन जैन और एडवोकेट अर्शदीप बराड़ के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने रेनू बाला और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

डीएसपी की भूमिका भी जांच के घेरे में 

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी सिटी-वन की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जबकि शहर में इस घटना को लेकर अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।

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