डेस्क:  पेशाब करते समय जलन होना या अचानक से बाथरूम जाने की तेजं इच्छा होना अक्सर इन बातों को नजरअंदाज़ कर दिया जाता है। भलें ही शुरुआत में ये सब आम लगे लेकिन आगे चलकर ये बड़ा नुकसान कर सकती है। दरअसल शरीर बीना मतलब कोई संकेत नहीं देता बस जरुरत होती है इसे समझने की। जैसे साधारण से लगने वाली ‘यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन’ (UTI)  चुपके से ऊपर की ओर बढ़कर किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है। चलिए समझते हैं UTI से होने वाली परेशानी के बारे में। 


इसके लक्षण होते हें हल्के 

महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) आम हैं यह आमतौर पर  E. coli जैसे बैक्टीरिया के कारण होते हैं। शुरुआती दौर में, इन्फेक्शन निचले यूरिनरी ट्रैक्ट तक ही सीमित रहता है। इसके लक्षण अक्सर हल्के होते हैं जैसे पेशाब करते समय जलन होना, बार-बार वॉशरूम जाना, लगातार पेशाब करने की इच्छा होना, या पेट के निचले हिस्से में हल्का-फुल्का दर्द या बेचैनी होना। डॉक्टर कहते हैं कि UTI सबसे आम बैक्टीरियल इन्फेक्शन में से एक हैं, फिर भी शुरुआती लक्षण हल्के होने के कारण अक्सर इसे  नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो की एक भारी भूल साबित हो सकती है।


संक्रमण गुर्दे पर डालता है काफी असर

लंबे समय तक यूरिन होल्ड करने से न केवल ब्लैडर कमजोर होता है, बल्कि यह किडनी फेलियर जैसी स्थितियों का कारण भी बन सकता है।  गुर्दे सिर्फ अपशिष्ट पदार्थों को छानने से कहीं अधिक कार्य करते हैं। वे रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं, शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखते हैं और आवश्यक खनिजों को बरकरार रखते हैं। जब संक्रमण गुर्दे तक पहुंचता है, तो सूजन शुरू हो जाती है। समय के साथ, बार-बार या गंभीर संक्रमण गुर्दे के ऊतकों पर निशान छोड़ सकते हैं। यहीं से समस्या और भी गंभीर हो जाती है। chronic kidney disease अक्सर चुपचाप विकसित होता है, शुरुआती चरणों में इसके कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखते। जब तक इसका पता चलता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है।


यूरिन रोकने से होता है ये नुकसान

विशेषज्ञों का कहना है कि जब यूरिन बाहर नहीं निकलता, तो प्रेशर ऊपर की ओर बढ़ता है। हाइड्रोनेफ्रोसिस यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें यूरिन वापस किडनी में जमा होने लगता है, जिससे किडनी में सूजन आ जाती है। पाइलोनअफ्राइटिस किडनी का गंभीर संक्रमण है, जो अक्सर बिगड़े हुए यूटीआई (UTI) के कारण होता है। ब्लैडर में रुका हुआ यूरिन बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे सुरक्षित जगह बन जाता है। बार-बार मसल्स स्ट्रेच होने से यूरिन कंट्रोल खो सकता है, जिससे अचानक यूरिन निकल जाने की समस्या हो सकती है। यूरिन में मौजूद मिनरल्स लंबे समय तक जमा रहने पर क्रिस्टल बन जाते हैं, जो बाद में पथरी (Stone) का रूप ले लेते हैं। संक्रमण बढ़ने पर किडनी फंक्शन स्थाई रूप से प्रभावित हो सकता है।

डिसक्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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