सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 244 रनों के विशाल स्कोर का बचाव करने में असफल होने के बाद मुंबई इंडियंस के लिए प्लेऑफ की रेस में बने रहना अब आसान नहीं रह गया है। एमआई की इस सीजन में छठी हार है। बड़े-बड़े नामों से भरी पड़ी इस टीम को आईपीएल शुरू होने से पहले बड़ा दावेदार माना जा रहा था, लेकिन अब पांच बार की चैंपियन टीम लय या निरंतरता पाने के लिए संघर्ष कर रही है। पॉइंट्स टेबल में वह अब नौवें स्थान पर फंसी हुई है। अब सवाल ये है कि क्या एमआई अभी भी प्लेऑफ में पहुंच सकती है। आईये एक नजर उसके समीकरण पर डालते हैं।
गेंदबाजी आक्रमण बेअसर
आईपीएल 2026 में एमआई की दो जीतों को छोड़ दें, तो उसका गेंदबाजी आक्रमण ज्यादातर मैचों में बेअसर ही रहा है। बुमराह अपनी चिर-परिचित धार नहीं दिखा पाए हैं, जबकि ट्रेंट बोल्ट भी अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं। दीपक चाहर और शार्दुल ठाकुर का भी ऐसा ही हाल है। हार्दिक का गेंदबाजी प्रदर्शन भी टीम की समस्याओं को और बढ़ाने वाला ही रहा है।
रोहित की चोट से बढ़ी मुश्किलें
वहीं, एमआई की बल्लेबाजी की बात करें तो उसका कोई भी बल्लेबाज इस सीजन में टॉप-10 की लिस्ट में भी नहीं है। जबकि आरसीबी के खिलाफ मैच के दौरान लगी हैमस्ट्रिंग चोट के कारण रोहित शर्मा की अनुपस्थिति ने टीम की मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं। उनके मैदान पर लौटने में अभी कुछ समय लगेगा, जिससे टीम के शीर्ष क्रम में एक बड़ा खालीपन आ गया है।
मुंबई इंडियंस के लिए प्लेऑफ के समीकरण
मुंबई इंडियंस अभी भी प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है, लेकिन अब यहां से किसी भी चूक की कोई गुंजाइश नहीं है। छह मैच बाकी हैं, इसलिए हर मैच जीतना जरूरी है और वो भी शानदार तरीके से, ताकि उनका नेट रन रेट बेहतर हो सके। अगर वे लगातार छह मजबूत जीत हासिल कर लेते हैं, तो लीग स्टेज 16 पॉइंट्स पर खत्म करेंगे। यह एक ऐसा आंकड़ा है, जो अक्सर टॉप चार में जगह बनाने के लिए काफी रहा है। हालांकि, इससे कम कुछ भी उनके अभियान के लिए खतरा होगा।
एमआई अगर अब यहां से एक मैच हारती है तो उसे दूसरे मैचों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा। पांच जीत के साथ लीग स्टेज खत्म करने पर उसके 14 अंक होंगे। जहां नेट रन रेट और दूसरी टीमों के नतीजे अहम भूमिका निभाएंगे। उदाहरण के लिए आरसीबी ने 2024 के प्लेऑफ में 14 पॉइंट्स और बेहतर नेट रन रेट के साथ जगह बनाई थी।
वहीं, अगर यहां से उसका एक मैच रद्द होता है और बाकी पांच वह जीतती है तो भी मामला पेचीदा हो सकता है। ऐसे हालात में पॉइंट्स गंवाना महंगा पड़ सकता है, जैसा कि पिछले सीजन में देखा गया था, जब दिल्ली कैपिटल्स 15 अंक होने के बावजूद बाहर हो गई थी। मुंबई इंडियंस के लिए अब एक भी गलती की गुंजाइश नहीं है। उसके लिए यहां से हर मुकाबला करो या मरो वाला होगा।



















