लुधियाना (गणेश/सचिन): लुधियाना में 12वीं कक्षा के छात्र निखिल द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बेटे की मौत के बाद टूट चुकी मां पिछले 6 महीनों से इंसाफ के लिए पुलिस अधिकारियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन आज तक उसे न्याय नहीं मिल पाया। बेटे को खोने का दर्द झेल रही मां अब अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को मानसिक रूप से इतना परेशान किया गया कि उसने मजबूर होकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
जानकारी के अनुसार 27 अक्टूबर 2025 को निखिल नाम के 12वीं कक्षा के छात्र ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उस समय परिवार को यह समझ नहीं आया कि आखिर उनके बेटे ने इतनी कम उम्र में इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया था। घर में मातम का माहौल था और मां-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल था।
मृतक निखिल की मां गीता ने बताया कि बेटे की मौत के करीब 3 से 4 दिन बाद जब उन्होंने उसका मोबाइल फोन खुलवाया और कमरे की दोबारा तलाशी ली, तब इस पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं। परिवार को बेड के गद्दे के नीचे से एक सुसाइड नोट मिला। इसके अलावा मोबाइल फोन में कई चैट और मैसेज भी मिले, जिनके बाद परिवार को पता चला कि मामला एक लड़की से जुड़ा हुआ है।
गीता के अनुसार उनका बेटा धांदरा के सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ाई करता था। उसी स्कूल में पढ़ने वाली एक लड़की से उसकी बातचीत शुरू हुई थी। शुरुआत में परिवार को इसकी ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन धीरे-धीरे निखिल का व्यवहार बदलने लगा। वह चुप रहने लगा था, तनाव में रहता था और कई बार बिना बात के परेशान दिखाई देता था।



















