चेन्नई: तमिलनाडु में करिश्माई जीत के बाद मुख्यमंत्री बने थलपति विजय बुधवार यानी 13 मई को विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। विधानसभा चुनावों में विजय की अगुवाई वाली टीवीके अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी। ऐसे में जब राज्य की राजधानी में सियासी पारा चढ़ा हुआ है तब तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के मुख्यालय से एक आदेश जारी किया गया है। इसमें पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं को ऐसी कोई भी गतिविधि करने से मना किया गया है जिससे आम लोगों को असुविधा हो। टीवीके विधानसभा चुनावों में सबसे ज्यादा वोट मिले थे। पार्टी ने चौंकाते हुए 108 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसी के साथ डीएमके को सत्ता से बाहर और एआईएडीएमके का सत्ता में वापसी का सपना तोड़ दिया था।
टीवीके ने दी कार्रवाई की चेतावनी
तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के महासवि एन आंनद ने कार्यकर्ताओं के लिए जारी आदेश कम एडवाजरी में चेतावनी दी है कि जो कोई भी बैनर, समारोह या किसी अन्य माध्यम से जनता को बाधा पहुंचाने वाला व्यवहार करेगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आनंद ने कहा है कि यह आदेश पार्टी नेता (विजय) की मंजूरी से लिया गया है। हम सूचित करते हैं कि पार्टी का कोई भी साथी सड़कों पर, सार्वजनिक स्थानों पर जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, या ऐसे तरीकों से जिनसे लोगों की आवाजाही या यातायात में बाधा उत्पन्न हो। उन कामों से दूर रहे। इसमें बताया है कि जैसे कि जन्मदिन समारोह या पारिवारिक कार्यक्रमों के अवसर पर कोई भी किसी भी प्रकार के बैनर, पोस्टर या ऐसी कोई भी चीज नहीं लगाएगा, जिससे आम जनता को असुविधा हो।
लोगों ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है…
टीवीके ने आगे कहा है कि कोई भी व्यक्ति ऐसे किसी भी समारोह में शामिल नहीं होगा जिससे किसी भी तरह से जनता को बाधा पहुंचे। टीवीके ने कार्यकर्ताओं के लिए जारी बयान में उल्लेख किया है कि तमिलनाडु के लोगों के कल्याण के एकमात्र उद्देश्य के साथ ‘तमिलगा वेट्री कज़गम’ की स्थापना की गई थी। सभी को यह याद रखना चाहिए कि तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री—जो तमिल हितों के परिवार का सदस्य बनने में सक्षम एक विजयी नेता हैं और जिन्होंने तमिलनाडु की जनता का सर्वसम्मत विश्वास अर्जित किया है। लोगों हमें एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। हमें उस लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना है।



















