चेन्नई: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सीएम सी. जोसेफ विजय को राज्य की हलिया घटनाओं पर विपक्ष ने घेरना शुरू कर दिया है। इनमें चेन्नई में पावर कट, काेयंबटूर में 10 साल की बच्ची की हत्या और त्रिची में नर्सिंग छात्रा की सर्जरी के बाद मौत का मामला प्रमुख है। त्रिची में नर्सिंग की छात्रा की सर्जरी के बाद माैत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बड़ी संख्या में नर्सिंग छात्राओं के सड़क पर उतरने के बाद राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। टीवीके सरकार में मंत्री परवेज के अनुसार इस मामले की जांच की निगरानी खुद सीएम विजय कर रहे हैं। विजय त्रिची ईस्ट से चुनाव जीते थे। उन्होंने पेरम्बूर सीट रखते हुए त्रिची ईस्ट सीट खाली की है। यहां जल्द ही उपचुनाव होने की उम्मीद है।
ओवरडोज से मौत का आरोप
त्रिची नर्स की मौत के आरोप है कि गंभीर मेडिकल लापरवाही से छात्रा की मौत हुई। परिवार का आरोप है कि एनेस्थीसिया की ज्यादा डोज दी गई। इससे वी. सीतालक्ष्मी (19) की माैत हो गई। वह KAP विश्वनाथम सरकारी नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग डिप्लोमा की तीसरे साल की छात्रा थी। उसे नाक की हड्डी के टेढ़ेपन और ज़्यादा टिशू बढ़ने की समस्या को ठीक करने के लिए एक रूटीन सर्जरी के लिए त्रिची के महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल (MGMGH) में भर्ती कराया गया था। पीड़ित के माता-पिता और साथी नर्सिंग छात्रों का आरोप है कि डॉक्टरों ने एनेस्थीसिया की ज्यादा डोज दी, जिससे सीधे तौर पर उसकी अचानक मौत हो गई।
सड़क पर उतरी नर्सिंग छात्राएं
इस घटना के बाद त्रिची में भारी अशांति फैल गई। इसके बाद जिसमें 300 से ज्यादा नर्सिंग छात्रों ने गुलाबी रंग के कपड़े पहनकर, परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर, अस्पताल के सामने पुथुर रोड को जाम कर दिया। उन्होंने डीन और इलाज करने वाले एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तत्काल गिरफ्तारी या उन्हें पद से हटाने की मांग की। तमिलनाडु स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने एक उच्च-स्तरीय मेडिकल जांच का आदेश दिया है। चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी जनरल अस्पताल से एक विशेष समिति को यह जांचने के लिए भेजा गया है कि एनेस्थीसिया की कितनी डोज दी गई थी। राज्य मंत्री एस. रमेश और डिप्टी स्पीकर एम. रविशंकर ने विरोध स्थल कर चुके हैं।
सीएम विजय त्रिची की घटना हुए एक्टिव
विशेषज्ञ मेडिकल टीम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम जांच के बाद सरकारी अस्पताल पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया है। इस मामले के तूल पकड़ने पर सीएम विजय ने संज्ञान लिया है। राज्य सरकार के मंत्री के अनुसार वह त्रिची के हालात पर खुद नजर रख रहे हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अंतिम रिपोर्ट आते ही सीएम विजय नर्सिंग छात्रा की मौत के इस मामले में बड़ा एक्शन ले सकते हैं। मुख्यमंत्री विजय छात्रा की मौत के कारणों का पता लगने का इंतजार कर रहे हैं।



















