गर्मियों के मौसम में ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, कुल्फी या बर्फ का गोला खाना किसे पसंद नहीं होता? लेकिन कई बार जैसे ही आप आइसक्रीम का पहला बड़ा बाइट लेते हैं या कोई चिल्ड शेक पीते हैं, अचानक माथे के बीचों-बीच एक असहनीय, तेज और चुभने वाला दर्द उठता है। ऐसा लगता है मानो कुछ सेकंड के लिए दिमाग बिल्कुल जम गया हो।

आम बोलचाल में इसे ब्रेन फ्रीज (Brain Freeze) कहा जाता है, जबकि मेडिकल की भाषा में इसे ‘स्फिनोपैलाटाइन गैंग्लियोन्यूरेल्जिया (Sphenopalatine Ganglioneuralgia) या आइसक्रीम हेडएक कहते हैं। आखिर ठंडी चीजें खाते ही माथे में तेज दर्द क्यों होने लगता है और क्या यह माइग्रेन के मरीजों के लिए किसी बड़े खतरे का संकेत है? आइए समझते हैं इसके पीछे का पूरा साइंस।

क्या है ब्रेन फ्रीज के पीछे का न्यूरोलॉजिकल साइंस?

न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार ब्रेन फ्रीज असल में हमारे दिमाग का एक प्रोटेक्टिव रिफ्लेक्स (सुरक्षात्मक तंत्र) है। जब हम कोई बहुत ठंडी चीज खाते या पीते हैं, तो वह हमारे तालू (Roof of the mouth) और गले के पिछले हिस्से को छूती है। अचानक तापमान गिरने से वहां से गुजरने वाली खून की नसें बहुत तेजी से सिकुड़ती हैं नसें अचानक सिकुड़ती हैं और फिर तुरंत सामान्य होने के लिए फैलती हैं, तो मुंह के ऊपरी हिस्से में मौजूद ट्राइजेमिनल नर्व (Trigeminal Nerve) इसे एक खतरे या दर्द के सिग्नल के रूप में रीसीव करती है। यह नर्व चेहरे और माथे की संवेदनाओं को दिमाग तक पहुंचाती है। चूंकि सिग्नल इसी नर्व के जरिए जाता है, इसलिए दिमाग को भ्रम हो जाता है कि दर्द मुंह में नहीं बल्कि माथे और कनपटी में हो रहा है। इसे मेडिकल साइंस में रेफर्ड पेन (Referred Pain) कहा जाता है।

क्या माइग्रेन के मरीजों के लिए यह ज्यादा खतरनाक है?

आम लोगों के मुकाबले माइग्रेन से पीड़ित लोगों में ब्रेन फ्रीज होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है।

नर्व्स की संवेदनशीलता: माइग्रेन के मरीजों का नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) आम लोगों की तुलना में तापमान के बदलावों को लेकर बहुत ज्यादा संवेदनशील होता है।

माइग्रेन ट्रिगर होने का खतरा: ब्रेन फ्रीज महज 30 सेकंड से एक-दो मिनट में खुद-ब-खुद ठीक हो जाता है और इससे दिमाग को कोई नुकसान नहीं पहुंचता, लेकिन माइग्रेन के मरीजों में यह छोटा सा ब्रेन फ्रीज उनके पुराने और गंभीर माइग्रेन के दर्द को दोबारा ट्रिगर (शुरू) कर सकता है। इसलिए माइग्रेन के मरीजों को बहुत ज्यादा ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए।

ब्रेन फ्रीज होने पर तुरंत क्या करें?

जीभ को तालू से छुएं: अपनी जीभ के नीचे के हिस्से (जो गर्म होता है) को मुंह के ऊपरी हिस्से (तालू) पर सटाएं। इससे वहां का तापमान सामान्य होगा और नसें रिलैक्स हो जाएंगी।

गुनगुना पानी पीएं: तुरंत नॉर्मल या हल्का गुनगुना पानी पीएं ताकि मुंह का तापमान तेजी से बैलेंस हो सके।

बचाव का तरीका: ठंडी चीजों को बहुत तेजी से या बड़े बाइट्स में खाने के बजाय, उन्हें मुंह में थोड़ा धीरे-धीरे और छोटे टुकड़ों में लें ताकि शरीर को तापमान एडजस्ट करने का समय मिल सके।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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