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महोबा से खाकी का एक ऐसा अनोखा और सादगी भरा चेहरा सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर धूम मचा दी है. यहां एक मामले की जांच करने पहुंचे कुलपहाड़ के सीओ रविकांत गौड़ का जमीनी अंदाज देखने को मिला. जब रास्ते में एक बैलगाड़ी खड़ी मिली तो साहब ने रौब दिखाने के बजाय खुद उसकी कमान संभाल ली. वर्दी में बैलगाड़ी हांकते सीओ का यह वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है.

आमतौर पर पुलिस का नाम सुनते ही जहन में एक सख्त और कड़क छवि उभरती है, लेकिन महोबा से आई इन तस्वीरों ने मित्र पुलिस की परिभाषा को सच कर दिखाया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह 24 सेकंड का वीडियो कुलपहाड़ सर्किल के सीओ रविकांत गौड़ का है.

इस वजह बैलगाड़ी पर होना पड़ा सवार

खाकी वर्दी पहने सीओ साहब न सिर्फ बैलगाड़ी पर सवार दिखे, बल्कि खुद हाथों में लगाम थामकर उसे हांकने लगे. पूरा मामला पनवाड़ी थाना क्षेत्र के सलैया खालसा गांव का है. सीओ रविकांत गौड़ यहां एक एससी-एसटी मामले की विवेचना करने अपनी सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे. तभी रास्ते में एक बैलगाड़ी खड़ी होने के कारण आगे नहीं जा पा रहे थे.

खेत पर गया था किसान तो खुद सावर हो गए सीओ

जब पुलिसकर्मियों ने गाड़ी हटाने को कहा तो पता चला कि गाड़ी का मालिक किसान खेत पर गया हुआ है और बैलगाड़ी में सिर्फ महिला किसान बैठी हैं. महिलाओं की परेशानी और रास्ते की बाधा को देखकर, वर्दी के पीछे छिपा एक आम इंसान और किसान जाग उठा. सीओ ने बिना किसी हिचकिचाहट के खुद बैलगाड़ी की कमान संभाली और उसे किनारे लगाया.

इस दौरान उन्होंने बैलगाड़ी की सवारी का आनंद तो लिया ही, साथ ही पीछे बैठीं महिला किसानों से पुरानी यादें और कृषि संस्कृति साझा की. ​उन्होंने चर्चा करते हुए बताया कि आधुनिक दौर में भी घरेलू और कृषि कार्यों के लिए बैलों की जोड़ी और बैलगाड़ी कितनी उपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल है.

पुलिस अधिकारी की इस सादगी और दरियादिली ने वहां मौजूद महिलाओं के साथ-साथ सोशल मीडिया पर हर किसी का दिल जीत लिया है. लोग सीओ कुलपहाड़ की इस संवेदनशीलता और ज़मीन से जुड़े रहने के अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

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