करनाल। इंद्री उपमंडल स्थित चूरनी जागीर गांव के 22 वर्षीय बॉबी की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के सात दिन बीत जाने के बाद भी शोकाकुल परिवार ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है, क्योंकि परिजन नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। इस मामले में बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणियां ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। वहीं, बुधवार को करनाल शवगृह के बाहर एससी समाज की एक बड़ी महापंचायत बुलाई गई, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई। अब पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं।

महापंचायत में लिया अंतिम संस्कार फैसला
मृतक बॉबी के चाचा मुकेश, बंटी, दीपक, पिता संदीप और भाई अभिषेक समेत अन्य परिजन लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सोमवार को वे एसपी कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंपने की मांग भी कर चुके हैं, जिस पर एसपी ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया था। बुधवार को बुलाई गई महापंचायत में मृतक के वकील ने जानकारी दी कि अब कुछ शर्तों के साथ शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया है। पिछले सात दिनों से शव पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा हुआ है, जिसे लेकर परिवार और समाज में गहरा आक्रोश है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी तरह शांतिपूर्ण तरीके से इस मामले का समाधान निकाला जा सके और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

एसआईटी करेगी पूरे मामले की जांच
पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए एसआईटी को जांच की कमान सौंप दी है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणियां का कहना है कि वे पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिवार की मुख्य मांग आरोपियों की गिरफ्तारी है, जिसके लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। अब महापंचायत के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि तनाव की स्थिति कम होगी और शव का अंतिम संस्कार संपन्न हो सकेगा। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस की टीमें साक्ष्यों को जुटाने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रही हैं।



















