रुद्रप्रयाग : केदारनाथ धाम में स्वच्छता की दिशा में जिला प्रशासन ने एक नई पहल की है। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को अब वापसी में 400 से 500 ग्राम क्षमता वाले बैग्स में सूखा कूड़ा भरकर गौरीकुंड तक लाना होगा।
जिससे केदारनाथ धाम में अनावश्यक कूड़े इकट्ठा नहीं होगा और स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी। केदारनाथ धाम को स्वच्छ बनाने के लिए नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से “कैरी मी बैक पॉलिसी” लागू की गई है।
कूड़ा मुक्त धाम
इस पहल का उद्देश्य धाम क्षेत्र को कूड़ा मुक्त बनाए रखना, स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना और तीर्थयात्रा को अधिक व्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। यह अभियान उपजिलाधिकारी ऊखीमठ एवं प्रभारी अधिकारी नगर पंचायत केदारनाथ के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है, जिससे संबंधित सभी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे
चारधाम यात्रा के दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं केदारनाथ धाम पहुंचते हैं। अब तक 40 दिन में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु धाम के दर्शन कर चुके हैं। ऐसे में धाम में प्लास्टिक, पैकेजिंग सामग्री एवं अन्य प्रकार के सूखे कूड़े की मात्रा में वृद्धि होती है। धाम की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इस कूड़े का समयबद्ध निस्तारण एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।
क्या है कैरी मी बैक पॉलिसी
इसी चुनौती के समाधान के रूप में “कैरी मी बैक पॉलिसी” को व्यवहारिक रूप से लागू किया गया है। इस नीति के तहत नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा लगभग 400 से 500 ग्राम क्षमता वाले बैग्स में सूखा कूड़ा भरकर यात्रियों को उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रियों को केवल इन बैग्स को अपने साथ गौरीकुंड तक लाना होगा, जिससे केदारनाथ धाम में कूड़े का अनावश्यक संचय नहीं होगा और स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
कौन कौन शामिल
इस पहल में हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन यात्रियों के लिए कूड़ा बैग्स उपलब्ध कराने तथा गौरीकुंड में कूड़े के संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। वहीं सुलभ इंटरनेशनल द्वारा एकत्रित कूड़े का उठान कर वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप उसका अंतिम निस्तारण किया जाएगा।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग, नगर पंचायत केदारनाथ एवं सहयोगी संस्थाओं ने सभी श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने और स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल केदारनाथ धाम के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है।



















