तुमकुरु : कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि वह हिंदू हैं और अपना हिंदुत्व नहीं छोड़ सकते। उन्होंने भक्त और ईश्वर के बीच का एक निजी रिश्ता होने की बात भी कही। दरअसल शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने को लेकर उठे मुद्दे पर डीके शिवकुमार बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। इसीलिए मैंने सभी धार्मिक मठों के नेताओं को आमंत्रित किया था। क्या हम अपना धर्म छोड़ सकते हैं या अपने नाम बदल सकते हैं? हम किसी न किसी रूप में धर्म के बिना नहीं रह सकते। हर घर अपनी आस्था के अनुसार नामकरण, कान छिदवाने और उपनयन जैसे संस्कार करता है। राज्य के हितों की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है, और मैंने सभी का आशीर्वाद लेकर अपना काम शुरू किया।

नोनाविनाकेरे श्री काडू सिद्धेश्वर मठ के पास मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मठ के साथ उनका पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि मैं इस मठ के लिए नया नहीं हूं। मैं पिछले 25 वर्षों से यहां आ रहा हूं। मेरे पास इस बात का कोई रिकॉर्ड नहीं है कि मैं कितनी बार यहां आया हूं। अपने जीवन के हर पड़ाव पर – चुनाव से पहले, चुनाव के बाद और पद संभालने के बाद – मैं यहां प्रार्थना करने और मार्गदर्शन लेने आया हूं। मैं यहां मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक भक्त के तौर पर आया हूं। यह भक्ति और ईश्वरीय जुड़ाव का स्थान है।

CM बनने की मन्नत पर क्या बोले डीके शिवकुमार

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने मल्लाघट्टा गंगाधारेश्वर मंदिर में कोई मन्नत मांगी है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि मैंने कोई मन्नत नहीं मांगी है। मेरी एकमात्र प्रार्थना यह है कि लोग स्वस्थ रहें, मुझे सौंपी गई सत्ता लोगों के लिए समर्पित हो, राज्य में शांति और समृद्धि आए और कर्नाटक की झीलें भरी रहें। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पवित्र मल्लाघाट क्षेत्र के लिए 35 करोड़ रुपये के विकास कार्य पहले से ही चल रहे हैं, और स्थानीय प्रतिनिधियों तथा काडू सिद्धेश्वर मठ के साथ सलाह-मशविरा करके आगे के कदम उठाए जाएंगे।

क्या मैं इस राज्य में किसी भी धर्म को छोड़ सकता हूं? क्या मैं अपना नाम बदलकर अपना धर्म त्याग सकता हूं? कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, यूं ही अपना धर्म नहीं छोड़ सकता।

डीके शिवकुमारतुमकुरु के नोनाविनाकेरे में बुरुदेघट्टा मल्लाघट्टा झील पर विकास कार्यों का निरीक्षण करने के बाद, मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अतीत में कई बार ऐतिहासिक गंगाधारेश्वर मंदिर जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके गृह-प्रवेश समारोह के लिए पांच जगहों से पानी लाया गया था, जिसमें यह झील भी शामिल थी; उन्होंने कहा कि यह झील हमेशा पानी से भरी रहती है। शिवकुमार ने कहा कि वह पिछले 25 सालों से इस इलाके को देख रहे हैं और यहां आने पर उन्हें हमेशा शांति और खुशी मिलती है।

शिवकुमार बोले- मेरे लिए राजनीति जरूरी नहीं

‘राजनीति मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। मेरे लिए महत्वपूर्ण है व्यक्ति और ईश्वर के बीच का संबंध। मंदिर और आस्था इसी संबंध से जुड़े हैं। मैं सभी धर्मों की संस्थाओं का आदर करता हूं, चाहे वे ईसाई हों, सिख हों, बौद्ध हों या हिंदू। उन्होंने कहा कि मैं हिंदू पैदा हुआ हूं और हिंदू ही मरूंगा।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930