बिजनेस डेस्कः एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में 29 रुपए की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने इसे वैश्विक परिस्थितियों की मजबूरी बताया है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ऊर्जा कीमतों में तेजी, महंगा ट्रांसपोर्टेशन, बढ़ी बीमा लागत और सप्लाई संबंधी चुनौतियों के कारण LPG की लागत में भारी वृद्धि हुई है। सरकार का कहना है कि तेल कंपनियों को हर सिलेंडर पर भारी नुकसान हो रहा था ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी को टालना संभव नहीं था।
तीन महीनों में कितनी बार बढ़े दाम?
पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले यह बढ़ोतरी 7 मार्च को 60 रुपए की गई थी। हालिया बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 940 रुपए के पार पहुंच गई हैं।
तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान
कीमतों में बढ़ोतरी से पहले सरकारी तेल कंपनियों को हर घरेलू LPG सिलेंडर पर करीब 703 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी बढ़ते वित्तीय दबाव को कम करने के लिए कीमतों में संशोधन किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘एलपीजी के ट्रांसपोर्टेशन की लागत में बढ़ोतरी हुई है, गैस की मूल कीमत भी अधिक है और ट्रांसशिपमेंट में 40-45 दिन लगने के कारण बीमा खर्च भी बढ़ गया है। हम आम लोगों की चिंता को अच्छी तरह समझते हैं और हमें भी इसकी फिक्र है लेकिन मौजूदा हालात में गैस की कीमत बढ़ाना मजबूरी बन गया है।’



















