नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (नियम शाखा) द्वारा मंत्रालय, महानदी भवन से प्रदेश के शासकीय सेवकों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा नीतिगत आदेश जारी किया गया है। शासन द्वारा वर्तमान में प्रचलित विभिन्न क्रमोन्नति योजनाओं को अब वित्त विभाग के प्रचलित समयमान वेतनमान में समाहित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शिक्षक संवर्ग, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों, उपअभियंताओं (इंजीनियर्स) और वनक्षेत्रपालों के लिए पूर्व में जारी क्रमोन्नति वेतनमान के विभिन्न पुराने परिपत्रों की प्रभावशीलता को 31 मार्च 2026 के पश्चात् समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों के अनुसार, दिनांक 01 अप्रैल 2026 या इसके बाद नियुक्त होने वाले समस्त संवर्ग के नए शासकीय सेवक अनिवार्य रूप से सीधे वित्त विभाग के अंतर्गत समयमान वेतनमान के ही पात्र होंगे।
इस ऐतिहासिक प्रशासनिक बदलाव में वर्तमान कर्मचारियों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत 31 मार्च 2026 तक नियुक्त हो चुके पुराने शासकीय सेवकों को एक बड़ा अवसर दिया गया है। इन कर्मचारियों के पास क्रमोन्नत वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान में से जो भी उनके लिए अधिक लाभप्रद या फायदेमंद हो, उनमें से किसी एक योजना का चयन करने का खुला विकल्प (Option) होगा। कर्मचारियों द्वारा चुना गया यह विकल्प पूरी तरह से अंतिम और अपरिवर्तनीय माना जाएगा, जिसके आधार पर ही उन्हें भविष्य में उच्चतर वेतनमान का लाभ देय होगा। सभी योग्य कर्मचारियों को इस आदेश के जारी होने की तिथि से ठीक एक महीने के भीतर अपने सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना लिखित विकल्प प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा; यदि कोई कर्मचारी तय समयावधि में विकल्प जमा नहीं करता है, तो स्वतः ही यह मान लिया जाएगा कि वह अपनी पुरानी क्रमोन्नति योजना में ही बने रहना चाहता है।



















