तेलंगाना की एक स्थानीय अदालत ने पेंशन के लिए पिता की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. मामले में दोषी बेटा और बेटी को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है. जबकि पत्नी को उम्रकैद की सजा दी है. सात साल पहले 70 साल के रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी मारुति सुतार की हत्या उनके ही बेटे राहुल, बेटी प्रफुल्ला और पत्नी गंगा बाई ने की थी. उनके खाने में जहर देकर पहले उन्हें मारा गया था और बाद में बेरहमी से उनकी लाश के टुकड़े करके उसे बाल्टियों में भरकर रख दिया था. क्योंकि आरोपी शव को तुरंत ठिकाने नहीं लगा पा रहे थे. 

तेलंगाना की मलकाजगिरी कोर्ट का फैसला 

सात साल पहले तेलंगाना में हुई इस घटना में मलकाजगिरी के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 47 साल के बेटे राहुल, 36 साल की बेटी प्रफुल्ला को मृत्युदंड दिया है. 65 साल की पत्नी गंगा बाई को आजीवन कारावास की सजा मिली है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक मृतक मारुति सुतार 2000 तक रेलवे विभाग में मालगाड़ी चालक का काम करते थे. लेकिन हेल्थ प्रॉब्लम की वजह से उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी. जिसके बाद उन्हें हर महीने 30000 रुपए की पेंशन मिलती थी. इसी से घर का गुजारा होता था. पत्नी, बेटा और बेटी इस पेंशन से जलते थे. इसी बात से नाराज होकर तीनों ने उनकी हत्या का प्लान बनाया था. 

तेलंगाना पुलिस ने किए थे बड़े खुलासे

इस घटना में तेलंगाना पुलिस ने बड़े खुलासे किए थे. मृतक की बेटी ने इंटरनेट पर सर्च करके मर्डर करने और उसके अलग-अलग तरीकों के बारे में समझा था. जिसके बाद 16 अगस्त 2019 को तीनों ने धतूरा सुखाकर उसका पाउडर बनाया और रात के वक्त उसे मारुति के खाने में मिला दिया. दो दिनों तक लगातार उनके खाने में पाउडर मिलाया. लेकिन उसका असर मारुति पर नहीं हो रहा था. ऐसे में तीसरे दिन पाउडर का डोज बढ़ा दिया, जहां खाना खाते ही मारुति बेहोश हो गए. इसके बाद तीनों ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया और उनकी हत्या कर दी थी. शरीर के टुकड़े कर उनके अंगों को बाल्टियों में भरकर छिपा दिया था. तीनों ने टुकड़ों को अलग-अलग वक्त पर घर से बाहर फेंकने की प्लानिंग बनाई थी. लेकिन उनके घर के सामने एक आयोजन चल रहा था. ऐसे में भीड़ होने की वजह से वह घर से निकल नहीं पाए. 

बदबू से हुआ खुलासा 

18 अगस्त के दिन जब घर से तेज बदबू आना शुरू हो गई तो आसपास के लोग उनके घर में पहुंचे. जहां बाल्टियों में छिपे शरीर के टुकड़े देखकर सब हैरान हो गए. जैसे ही आसपास के लोग घर में पहुंचे तो गंगाबाई और प्रपुल्ला किशन को बुलाने की बात कहते हुए घर से भाग निकले. लोगों ने तुरंत मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी थी. तब मामले की जांच शुरू हुई. 21 अगस्त 2019 को पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद पुलिस की पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था. मल्काजगिरी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सीबी सुमित ने मामले की जांच में फोरेंसिक टीम की तरफ से की गई हेल्प की तारीफ की है. क्योंकि फोरेंसिक टीम की मदद से ही इस केस में अहम सबूत जुटाए गए थे. जिससे केस सुलझाने में पुलिस को मदद मिली थी. 

चौंकाने वाली थी तेलंगाना की यह घटना 

तेलंगाना की यह घटना उस वक्त देशभर में चर्चा रही थी. क्योंकि पैसे के लालच में एक पिता की हत्या उसके ही बेटे-बेटी और पत्नी ने मिलकर की थी. जिससे सब हैरान रह गए थे. ऐसे में अब सात साल बाद अदालत के बड़े फैसले से यह मामला फिर चर्चा में आया है.

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