दिल्ली में मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है. चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम का विस्तृत रोडमैप जारी किया है, जिसके तहत राजधानी में 30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा. आयोग का मानना है कि लगातार हो रहे पलायन और अन्य कारणों से मौजूदा वोटर लिस्ट में कई तरह की गड़बड़ियां पैदा हुई हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी हो गया है.
चुनाव आयोग के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मतदाता स्थान बदलने के बाद भी पुरानी जगह की सूची में बने हुए हैं. इसके चलते कुछ लोगों के नाम एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज हो गए हैं. वहीं कई मृत मतदाताओं के नाम भी अब तक सूची से हट नहीं पाए हैं. विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ऐसे मामलों की पहचान कर मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है.
दिल्ली के सभी जिलों के चुनाव अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण
एसआईआर-2026 को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिल्ली के सभी 13 जिलों के चुनावी अधिकारियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में एसडीएम (चुनाव), मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सुपरवाइजर और छह मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट मौजूद रहे. प्रशिक्षण के दौरान पुनरीक्षण प्रक्रिया के विभिन्न चरणों और उसके क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई.
चुनाव आयोग की तकनीकी टीम ने अधिकारियों को संबंधित मॉड्यूल के संचालन और उपयोग की पूरी जानकारी दी. वहीं दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ईआरओ और बीएलओ की जिम्मेदारियों को विस्तार से समझाया. प्रशिक्षण सत्र में तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं को शामिल किया गया ताकि प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए.
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने कई सवाल और शंकाएं रखीं, जिनका समाधान मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने किया. इस अवसर पर छह राजनीतिक दलों से जुड़े 187 कार्यकर्ताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित कानूनी प्रावधानों और नियमों की जानकारी भी दी गई.
चुनाव आयोग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में दिल्ली के सभी जिलों में बूथ लेवल ऑफिसर्स के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अधिकारियों ने कहा कि शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने में राजनीतिक दलों की भागीदारी बेहद अहम है और इसे और मजबूत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
हर मतदान केंद्र पर नियुक्त होंगे बूथ लेवल एजेंट
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने बूथ लेवल एजेंट व्यवस्था को और प्रभावी बनाया है. प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर बीएलए-1 और बीएलए-2 की नियुक्ति की गई है. इसके साथ ही मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को एक साथ कई आवेदन जमा करने की सुविधा भी दी गई है.
हालांकि आवेदन जमा करने के लिए सीमा तय की गई है. ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले कोई भी बीएलए एक दिन में 50 से अधिक फॉर्म जमा नहीं कर सकेगा. ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद यह संख्या घटाकर 10 फॉर्म प्रतिदिन कर दी जाएगी.
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर राजनीतिक दलों ने कुछ मुद्दे और सवाल उठाए. इस पर दिल्ली के संयुक्त निर्वाचन अधिकारी बलराम मीणा ने विस्तृत स्पष्टीकरण देते हुए संबंधित बिंदुओं पर आयोग का पक्ष स्पष्ट किया.
एसआईआर-2026 का पूरा शेड्यूल
● 20 जून से 29 जून : तैयारी, प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री की छपाई.
● 30 जून से 29 जुलाई : बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन.
● 29 जुलाई तक : मतदान केंद्रों का युक्तिकरण.
● 5 अगस्त तक : प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन.
● 5 अगस्त से 4 सितंबर : दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि.
● 5 अगस्त से 3 अक्टूबर : दावे-आपत्तियों पर सुनवाई और निपटारा.
● 7 अक्टूबर : अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन.



















