कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में मंत्रिमंडल में फेरबदल होने पर बंगाल की नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का नंबर लग सकता है। चर्चा है कि तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसदों की संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच सकती है। ऐसे में एकदम से एनडीए का घटक बनी इस पार्टी को दो मंत्रिपद मिल सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस सांसदों में बगावत के बाद ममता बनर्जी के पास सिर्फ आठ सांसद बचे हैं। इनमें दो सांसदों के काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई वाली एनसीपीआई में आने की चर्चा है।
NCPI की एंट्री से बदले NDA के समीकरण
NDA में अभी तक बीजेपी के पास सबसे बड़ी पार्टी चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी थी। इसके बाद नीतीश कुमार की जेडीयू। दोनों पार्टियों के पास क्रमश: 16 और 12 सांसद हैं। तीसरे नंबर पर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना। लेकिन एनसीपीआई की एंट्री से अब सीक्वेंस बदल गया है। नेशनिस्ट सिटिजंस पार्टी अब एनडीए में बीजेपी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। उसके पास 20 सांसद हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि टीएमसी के बागी गुट के नेताओं को केंद्रीय कैबिनेट में दो पद मिल सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो एनडीए की स्थिति मजबूत होगी। हालांकि अभी बीजेपी नेतृत्व या बागी गुट ने इसके संकेत नहीं दिए हैं। टीएमसी के बागी सांसदों ने बिना शर्त समर्थन दिया है। इतना ही नहीं बीजेपी की टीडीपी और जेडीयू पर निर्भरता भी कम हो गई है।
बागी सांसदों की प्रमुख हैं काकोली घोष
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने पार्टी से बगावत कर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय की घोषणा की है। बागी सांसदों में काकोली घोष दस्तीदार (बारसात) प्रमुख हैं। वह इस समूह की नेता है। इसके अलावा यूसुफ पठान (बहरामपुर), सायोनी घोष (जादवपुर), दीपक अधिकारी उर्फ देव (घाटाल) रचना बनर्जी (हुगली), शताब्दी रॉय (बीरभूम), माला रॉय (कोलकाता दक्षिण), पार्थ भौमिक (बैरकपुर), अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा), बापी हलदर (मथुरापुर), जगदीश बसुनिया (कूचबिहार), प्रसून बनर्जी (हावड़ा), शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व), असित माल (बोलपुर), मिताली बाग (आरामबाग), अबू ताहेर खान (मुर्शिदाबाद) कालीपद सोरेन (झारग्राम), जून मालिया (मेदिनीपुर) और अंत में आए सुदीप बंधोपाध्याय का नाम शामिल है।
कौन बन सकता है मंत्री
अगर पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में एनसीपीआई की एंट्री होती है तो काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय या फिर सुदीप बंधोपाध्याय में किसी एक को मौका मिल सकता है। तीन वरिष्ठ सांसद हैं। दूसरा मंत्री पद बागी सांसदों के युवा चेहरों में किसी को मिल सकता है। इसमें यूसुफ पठान, सायानी घोष जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा रचना बनर्जी भी सेलिब्रेटी फेस हैं। सूत्रों का कहना है कि एनसीपीआई से मंत्री बनना तय है, क्योंकि पार्टी के पास अब 20 सांसद हो गए हैं। पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार में अधिकतम मंत्रियों की संख्या 81 हो सकती है। अभी सरकार में कुल 72 मंत्री हैं। इनमें 30 कैबिनेट, पांच राज्यमंत्री और 26 राज्य मंत्री शामिल हैं। उत्तर प्रदेश से अभी सर्वाधिक 9 मंत्री हैं। दूसरे नंबर पर बिहार है। जहां से आठ मंत्री हैं। गुजरात और महाराष्ट्र से छह-छह मंत्री हैं। बंगाल से अभी दो मंत्री केंद्रीय मंत्रिमंडल में हैं। दोनों ही राज्य मंत्री हैं। इनमें शांतनु ठाकुर और डॉ. सुकांत मजूमदार शामिल हैं।



















