कुरुक्षेत्र जिले के बाबैन क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक उप-ज्योर्तिलिंग नागेश्वर महादेव मंदिर में रविवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर का लगभग 108 फीट ऊंचा गुंबद अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में मंदिर के सेवादार 70 वर्षीय नटराजन गिरी की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि मंदिर के गर्भगृह को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
जानकारी के अनुसार नटराजन गिरी पिछले करीब पांच वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे थे और मंदिर परिसर में ही रहते थे। रविवार सुबह करीब चार बजे वह मंदिर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान मंदिर का विशाल गुंबद अचानक ढह गया और वह मलबे के नीचे दब गए। गुंबद गिरने की तेज आवाज सुनकर मंदिर के पुजारी, अन्य सेवादार और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों और मंदिर प्रबंधन ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद मलबे में दबे नटराजन गिरी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे, जिससे वहां भीड़ जमा हो गई।
हादसे में मंदिर के गर्भगृह को भी नुकसान पहुंचा है। गुंबद का मलबा गर्भगृह के अंदर गिरने से शिवलिंग और अन्य प्रतिमाएं भी मलबे के नीचे दब गई हैं। मंदिर परिसर में अभी भी मलबा फैला हुआ है और उसके हटने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।



















