अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यक्रम के पहले मंत्रिमंडल फेरबदल में बड़े बदलावों किए जाने की चर्चा है। सरकार और संगठन दोनों ही मोर्चे पर बीजेपी नई पीढ़ी को आगे कर सकती है ऐसी चर्चा खूब हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 बतौर पीएम पूरे करने के बाद निर्विवाद तौर सर्वाधिक लोकप्रिय बने हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय गृह मंत्री और देश के पहले सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी राष्ट्रीय राजनीति में अपने कौशल के साथ नेतृत्व का लोहा मनवाया है। संभावना है कि खुद अपना 15 किलो वजन घटाने वाले अमित शाह का राजनैतिक वजन बढ़ सकता है। इस संभावना के इसके पीछे असल में उनका जोरदार काम है। पीएम मोदी के संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को इसलिए भी अहम माना जा रहा है कि यह शायद 2029 के चुनावों तक पहला और आखिरी फेरबदल हो सकता है। चर्चा है कि उनकी भूमिका और बड़ी हो सकती है।
तोड़ चुके हैं आडवाणी का रिकॉर्ड
अभी तक केंद्रीय गृह मंत्री की कुर्सी 30 से अधिक नेताओं ने संभाली है, लेकि शाह देश के सर्वाधिक लंबे समय तक गृह मंत्री रहने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। अमित शाह पिछले 7 साल से भारत के गृह मंत्री हैं। उन्होंने 30 मई 2019 को पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह भारतीय इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गृह मंत्री बन चुके हैं। अगस्त 2025 में उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के 2,256 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। 61 साल के अमित शाह ने एक बूथ लेवल के कार्यकर्ता से आधुनिक भारत के ‘लौह पुरुष’ बनकर उभरे हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर दौरे में उनकी स्वागत इसी विशेषण के साथ किया गया था।
पूरे किए पीएम मोदी के सपने
पहले बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर बीजेपी की झोली में कई राज्य जीतकर डालने के बाद अमित शाह को चाणक्य माना गया था लेकिन गृह मंत्री बनने के बाद उन्हें जम्मू कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक जिस तरह के फैसले लिए हैं। उसने की छवि एक सफल लीडर की बनाई है। अमित शाह ने कड़ी मेहनत से पीएम नरेंद्र मोदी के सपने पूरे किए हैं। इसमें पश्चिम बंगाल की जीत सबसे ज्यादा अहम है। टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने 25 जुलाई, 2025 में अमित शाह को संसद में निशाने पर लिया था। मोइत्रा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का उल्लेख करके हुए कहा था कि आप बिहार, बंगाल में नहीं है ओडिशा में पहली बार सरकार बनी है। कमाल देखिए अमित शाह ने 9 महीने में बिहार के बाद बंगाल में बीजेपी की सरकार बना दी। बंगाल में बीजेपी की सरकार पीएम मोदी का लंबा सपना था।
अमित शाह का मजबूत बायोडाटा
- 2019: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A हटाना।
- 2019: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) संसद में पारित, फिर इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिली।
- 2023 (दिसंबर): नए आपराधिक कानून 2023 में पास हुए और फिर 2024 में लागू हुए।
- 2019-2025: 2019 से लेकर अब तक उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) में उग्रवाद को समाप्त करने और स्थायी शांति लाने के लिए 12 से अधिक ऐतिहासिक शांति समझौते। इन समझौतों के परिणामस्वरूप लगभग 11,000 उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।
- 2026 (मार्च): पशुपति से त्रिरुपति तक रेड कॉरिडोर के सपने को तोड़कर भारत को नक्सलवाद से मुक्त किया।
- मई 2026: बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद अमित शाह ने बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ को जीरो करने का अभियान शुरू किया है। सीमा पर फेसिंग लग रही है।
- जून, 2026: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक ‘यमुना जल समझौता’ हुआ है।
बतौर सांसद भी खीची है लकीर
केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल में क्या होगा? इस बारे में बीजेपी ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है। राजनीतिक अटकलों में बड़े बदलाव का दावा किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री ने सिर्फ सात सालों में अपना बायोडाटा ही मजबूत नहीं किया है बल्कि तमाम व्यस्तताओं के बाद भी उन्होंने बतौर सांसद भी बड़ी लकीर खींची है। वह गांधीनगर से सांसद हैं। अमित शाह ने गृह मंत्री बनने के बाद भी लगातार क्षेत्र में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की है। अमित शाह छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के सक्रिय कार्यकर्ता थे। वह संघ की मजबूत पृष्ठभूमि के बाद बीजेपी के चाणक्य बनकर उभरे थे। उनके नेतृत्व बीजेपी ने कई नेताओं को चुनावी प्रबंधन में निपुण किया है। इनमें सुनील बंसल, विनोद तावड़े जैसे नाम प्रमुख हैं।



















