गर्मी के मौसम में आने वाला और बारिश के मौसम के शुरू होने तक बाजार में बिकने वाला गाढ़े बैंगनी रंग का जामुन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है. ये उन कुछ फलों में से एक है जिसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है. इसमें खनिज ज्यादा अधिक मात्रा में होता है. खासबात ये है कि रसीले पल्प के साथ इसके बीज भी खाए जाते हैं. हालांकि ज्यादातर लोग इसे कचरा समझकर फेंक देते हैं.
लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि जामुन के बीज स्वाद नहीं सेहत के लिए खाए जाते हैं. इसमें औषधिय गुण होते हैं, जो इसे कुछ बीमारियों के लिए फायदेमंद बनाते हैं. यदि आप भी आज तक इसके बीज को कचरा समझते आए हैं, तो यहां इसके सेहतमंद फायदे और सेवन के तरीके के बारे में जान लीजिए
जामुन की गुठली किन बीमारियों में फायदेमंद है?
- हालांकि जामुन में प्राकृतिक शुगर होता है, लेकिन इसका बीज ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए जाना जाता है. इसके सेवन से आप तेजी से बढ़ रहे शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं.
- जामुन की गुठली शरीर को डिटॉक्स करने के लिए भी जानी जाती है. इसका सेवन शरीर के लिए टॉक्सिन निकालने वाले टॉनिक की तरह काम करता है, जिससे आप अधिक फ्रेश और ऊर्जावान महसूस करते हैं.
- यदि आपको लिवर की समस्या है, तो भी आप जामुन की गुठली का सेवन कर सकते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं.
- ब्लड प्रेशर की शिकायत होने पर भी जामुन की गुठली मददगार साबित होती है. हालांकि यदि आप पहले से दवा ले रहे हैं, तो इसके सेवन से पहले अपने हेल्थ एक्सपर्ट से परामर्श जरूरी करें.
- ज्यादा तेल मसाला खाने और मौसम में बदलाव के कारण दस्त की समस्या बहुत कॉमन हो जाती है. ऐसे में इससे राहत के लिए जामुन की गुठलियों का सेवन बहुत फायदेमंद साबित होता है.
जामुन की गुठली का सेवन कैसे करें?
जामुन की गुठली को खाने का सबसे फायदेमंद तरीका है, इसका चूर्ण तैयार करना. इसे आप आयुर्वेदिक दवाओं के स्टोर से भी खरीद सकते हैं. या घर पर गुठलियों को धूप में सूखाकर पीसकर भी तैयार कर सकते हैं. रोज सुबह खाली पेट हल्के गुनगुने पानी में आधा चम्मच जामुन की गुठली का चूर्ण मिलाकर पिएं. दिन में एक बार सेवन पर्याप्त होता है.
इस लोगों को नहीं करना चाहिए सेवन
हालांकि जामुन की गुठली नेचुरल है, इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में औषधि के रूप में होता है, लेकिन फिर भी इसका सेवन हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता है. ऐसे में गर्भवती, स्तनपान करने वाली महिलाओं और लो ब्लड शुगर की शिकायत वाले लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए. इसके अलावा यदि आपको कोई बीमारी है, या किसी गंभीर बीमारी की मेडिकल हिस्ट्री है तो इसके सेवन से पहले एक्सपर्ट से जरूर बात करें.



















