आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र सरकार से मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार के फ्यूल ब्लेंड (E20, E10 और E0) चुनने का विकल्प दिया जाना चाहिए। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जनता के विरोध के बावजूद जबरन E20 ईंधन थोपने का आरोप लगाया है।
दरअसल, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों को E20 ईंधन का उपयोग करने के लिए मनाने के लिए भ्रामक दावे कर रही है और नए-नए तरीके अपना रही है। उन्होंने कहा कि जनता में इसका भारी विरोध है, लेकिन इस विरोध के बावजूद केंद्र सरकार अड़ी हुई है। मैं इस जिद के पीछे का कारण नहीं जानता, लेकिन सरकार झुकने को तैयार नहीं है। आए दिन एक के बाद एक झूठ बोला जा रहा है। एक मंत्री कुछ कहते हैं, तो दूसरे मंत्री कुछ और।
वाहन निर्माता कंपनियों पर दबाव बनाने का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 3 जुलाई को देश की छह बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाया था। सरकार ने उनसे कहा कि वे जनता के बीच जाकर E20 ईंधन के सुरक्षित होने का भरोसा दिलाएं। केजरीवाल के अनुसार, इन कंपनियों में मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, हीरो मोटोकॉर्प, हुंडई मोटर, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर कंपनी शामिल हैं। इन सभी को मीडिया को संबोधित कर यह आश्वासन देने के लिए कहा गया था कि E20 ईंधन वाहनों के उपयोग के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है।
प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखेंगे केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि वह अगले हफ्ते इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री जी, आपके इस गलत फैसले (misadventure) का खामियाजा जनता क्यों भुगते? हमें यह बताइए कि अगर हमारे वाहनों का माइलेज कम होता है या गाड़ियां खराब होती हैं, तो इसका हर्जाना कौन भरेगा-आपकी सरकार या ऑटोमोबाइल कंपनी?’ ‘आप’ प्रमुख ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री से अपील की कि वे जनता की मांग को स्वीकार करें और पेट्रोल पंपों पर अलग-अलग कीमतों के साथ E20, E10 और E0 जैसे ईंधन के सभी विकल्प उपलब्ध कराएं ताकि लोग अपनी पसंद से ईंधन चुन सकें।
केंद्रीय मंत्री ने अफवाहों को किया था खारिज
इससे पहले, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर इथेनॉल-मिश्रित ईंधन (E20) को लेकर चल रही चिंताओं को खारिज कर दिया था। उन्होंने उन दावों को ‘अफवाह’ बताया था जिनमें कहा गया था कि E20 ईंधन से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं या इससे कीड़े-मकोड़े आकर्षित होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे भ्रामक जानकारियों के बजाय वैज्ञानिक सबूतों पर भरोसा करें।



















