भीलवाड़ा के हमीरगढ़ थाना क्षेत्र में पति-पत्नी की संदिग्ध मौत के बाद दोनों की एक साथ अर्थी उठी तो पूरा गांव गमगीन हो गया। साली के घर मिले दीदी-जीजा के शवों ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारण बता पाएगी।
घर से हंसते-खेलते उदयपुर घूमने का कहकर निकले एक दंपती की संदिग्ध हालात में मौत की खबर ने बनका खेड़ा और आमली बरडोद को झकझोर कर रख दिया। ये मामला भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के आमली बरडोद गांव का है, जहां एक रिश्तेदार के घर में पति-पत्नी के शव मिलने से सनसनी फैल गई। बन का खेड़ा और आमली बरडोद गांवों में मातम छा गया है। किसी को यकीन नहीं हो रहा कि जो जोड़ा कल तक खुश था, वह आज इस दुनिया में नहीं है। इस दर्दनाक घटना ने दो मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया। पुलिस के अनुसार बड़लियास थाना क्षेत्र के बनकाखेड़ा निवासी कालू जाट (पुत्र देबीलाल) अपनी पत्नी दुर्गा के साथ रविवार को अपने घर से उदयपुर जाने का कहकर निकला था। रास्ते में वे रविवार शाम करीब सात बजे हमीरगढ़ के आमली बरडोद गांव में अपने साडू जगदीश जाट और साली के घर रुक गए। रविवार रात सबने एक साथ हंसी-खुशी खाना खाया। किसी को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि सुबह होते-होते यहां मातम पसर जाएगा।
सोमवार सुबह की शुरुआत आम दिनों की तरह हुई। सुबह करीब पांच बजे जगदीश अपनी पत्नी के साथ खेत पर गुलाब के फूल तोड़ने के लिए जाने लगा। इसी दौरान दुर्गा ने भी अपनी बहन का हाथ बंटाने की बात कही और वह भी उनके साथ खेत के लिए निकल पड़ी।
कालू ने कॉल कर वापस बुलाया
तीनों अभी खेत पर पहुंचे ही थे कि अचानक घर से कालू (30) का फोन आया। उसने कहा कि घर पर उनके बच्चे की तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें तुरंत वापस अपने गांव निकलना होगा। ये सुनकर जगदीश अपनी साली दुर्गा (28) को वापस घर छोड़ने आया। जब जगदीश ने कहा कि तुम दोनों गांव निकल रहे हो तो मैं घर का ताला लगा देता हूं, तब इस दंपती ने कहा कि वे कुछ देर में निकल जाएंगे और चाबी बाहर ही रख देंगे। इस पर भरोसा करके जगदीश वापस खेत पर चला गया। इसके बाद दंपती ने चाय बना कर पी।
शव देख कर निकल गई चीख
सुबह करीब सात बजे जब जगदीश और उसकी पत्नी खेत से वापस घर लौटे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर के भीतर कालू का शव फंदे से लटक रहा था और उसकी पत्नी दुर्गा का शव पलंग पर पड़ा था। उनके मुंह से चीख निकल गई जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही हमीरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत कालू के परिजनों को बनकाखेड़ा और दुर्गा के पीहर सालरिया व मंडफिया में घटना की सूचना दी। परिजनों के आने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर हमीरगढ़ चिकित्सालय भिजवाया, जहां मेडिकल बोर्ड से उनका पोस्टमार्टम करवाया गया।
दोनों की एक साथ उठी अर्थी, गांव में पसरा मातम
पोस्टमार्टम के बाद कालू और दुर्गा का अंतिम संस्कार किया। पति-पत्नी की एक साथ अर्थी उठते ही गांव का माहौल गमगीन हो गया। अंतिम विदाई के दौरान परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। वहीं छह साल का बेटा और तीन साल की मासूम बेटी अपने माता-पिता को हमेशा के लिए खो बैठे। वहीं मृतक कालू की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह अपनी बूढ़ी मां का इकलौता सहारा था।
पुलिस के लिए अब भी पहेली बनी मौत
शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालातों को देखते हुए पुलिस ने आशंका जताई है कि प्रथम दृष्टया मृतक कालू ने संभवतः अपनी पत्नी दुर्गा का गला दबाकर और लोहे की फेट से हमला कर उसकी हत्या की होगी। इसके बाद उसने खुद पत्नी की ओढ़नी से फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। हालांकि, हमीरगढ़ थाना प्रभारी सुनील बेडा का कहना है कि पुलिस हत्या और आत्महत्या के साथ-साथ अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से जांच कर रही है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर महज चंद घंटों में ऐसा क्या हुआ कि कालू को इतना खौफनाक और गंभीर कदम उठाना पड़ गया।



















