जोधपुर जिले के चामू क्षेत्र की प्रहलादपुरा ग्राम पंचायत स्थित स्वामियों की ढाणियों में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया. खेत में बने पानी से भरे कृषि होद में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई.
कुछ ही पलों में खेल-खेल में शुरू हुई शाम मातम में बदल गई. इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गमगीन कर दिया। सबसे दुखद बात यह रही कि मरने वालों में दो सगे भाई शामिल हैं.
खेलते-खेलते काल की गाल में समा गए मासूम
जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पी. डी. नित्या के अनुसार, बच्चे शाम को घर के पास खेल रहे थे. खेलते-खेलते वे खेत में बने पानी से भरे कृषि होद के पास पहुंच गए. आशंका है कि पहले एक बच्चा होद में गिर गया और उसे बचाने के प्रयास में बाकी दोनों बच्चे भी पानी में उतर गए. गहरा पानी और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं होने के कारण तीनों की डूबने से मौत हो गई.
तलाश के बाद मिला दर्दनाक मंजर
जब देर शाम तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी तलाश शुरू की गई. खोजबीन के दौरान बच्चों के होद में दिखाई देने पर उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही चामू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कराई.
दो भाइयों की एक साथ मौत से टूटा परिवार
हादसे में 12 वर्षीय खुशाल गिरी, 10 वर्षीय जसवंत गिरी और 13 वर्षीय महेश गिरी की जान चली गई. खुशाल और जसवंत सगे भाई थे. एक ही परिवार के दो बेटों की असमय मौत से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव में हर आंख नम है और कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों में बने गहरे कृषि होदों के चारों ओर सुरक्षा दीवार या जाली लगाना अनिवार्य किया जाए.



















