नेशनल डेस्क: संसद के मॉनसून सत्र से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय में NDA की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में NDA के शीर्ष नेताओं ने आगामी मॉनसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने और विधायी कामकाज को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति तय कर ली है। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के अलावा सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेता जैसे जेडीयू के ललन सिंह और टीडीपी के राम मोहन नायडू भी शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष के संभावित हमलों से निपटने, फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत करने और प्राथमिक विधेयकों को संसद के पटल पर रखने की रूपरेखा तैयार करना था।
सत्र में पेश होंगे 5 नए विधेयक
सरकार इस सत्र में पांच नए बिल पेश करने की तैयारी में है। इनमें से दो विधेयक हाल ही में जारी किए गए अध्यादेशों का स्थान लेंगे:
1. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 (अध्यादेश की जगह)
2. सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 (अध्यादेश की जगह)
3. जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026
4. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026
5. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक, 2026
पहले से लंबित 2 विधेयकों पर भी बढ़ेगी बात
- विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को इस साल मार्च में लोकसभा में पेश किया गया था।
- विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को दिसंबर 2025 में लोकसभा में पेश करने के बाद संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अब पटल पर रखी जा सकती है।



















