मुंबई: NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस घटना के बाद देशभर की कई विपक्षी पार्टियों ने सरकार की आलोचना की। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर प्रक्रिया दी है। अन्ना हजार ने छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज पर नाराजगी जताते हुए बड़ी बात कही है।
अन्ना हजारे ने कही ये बात
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि पुलिस ने किन परिस्थितियों में लाठीचार्ज किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतंत्र में सभी विवाद और मतभेद बातचीत तथा आपसी सहमति के जरिए सुलझाए जा सकते हैं। हजारे ने किसी भी पक्ष पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए संवाद को ही सबसे बेहतर रास्ता बताया।
CJP का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिला
बता दें कि सोनम वांगचुक को रविवार सुबह जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद आंदोलन को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। वांगचुक NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनके हटाए जाने के बाद यह सवाल उठ रहा था कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च होगा या नहीं, लेकिन CJP ने तय कार्यक्रम के अनुसार मार्च निकाला। मार्च के दौरान CJP का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने भी पहुंचा। इसके बाद पार्टी ने जानकारी दी कि CJP नेता अभिजीत दीपके ने अपना ढाई दिन का उपवास समाप्त कर दिया है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा और संसद की ओर बढ़ते समय पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया।



















