टोक्यो/नई दिल्ली- जापान के क्यूशू क्षेत्र में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, भूकंप का केंद्र कुमामोटो प्रीफेक्चर के उकी शहर के पास था और इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर दर्ज की गई। भूकंप की अधिकतम तीव्रता जापानी ‘शिंदो 7’ पैमाने पर दर्ज की गई, जो सबसे ऊंचा स्तर माना जाता है।
भूकंप के बाद जेएमए ने अरियाके और यत्सुशिरो समुद्र के तटीय इलाकों के लिए सुनामी अलर्ट जारी करते हुए लोगों से तत्काल समुद्र तटों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। एजेंसी ने आशंका जताई कि पहली सुनामी लहर कुछ ही देर में तट से टकरा सकती है और इसके बाद अन्य लहरें भी आ सकती हैं।
सबसे अधिक झटके कुमामोटो प्रीफेक्चर के यत्सुशिरो, उटो, माशिकी, मिसातो और कुमामोटो शहर के मिनामी वार्ड में महसूस किए गए। इसके अलावा नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा और मियाजाकी प्रीफेक्चर में भी तेज कंपन दर्ज किया गया।
भूकंप के कारण कुमामोटो प्रीफेक्चर में करीब 45,600 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। स्थानीय बिजली कंपनी क्यूशू इलेक्ट्रिक ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाल करने का काम तेजी से जारी है।
भूकंप के झटके पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया तक महसूस किए गए। दक्षिण-पूर्वी शहर बुसान में अधिकारियों के अनुसार, भूकंप महसूस होने की सूचना देने के लिए 157 से अधिक कॉल प्राप्त हुईं। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।
उल्लेखनीय है कि यह भूकंप वर्ष 2016 में कुमामोटो में आए विनाशकारी भूकंप की यादें ताजा कर गया। उस आपदा में 278 लोगों की मौत हुई थी और करीब 2,800 लोग घायल हुए थे, जबकि ऐतिहासिक कुमामोटो कैसल को भी भारी नुकसान पहुंचा था। फिलहाल प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।



















