बनीखेत : पठानकोट-चम्बा-भरमौर नैशनल हाईवे पर लाहड़ के समीप सोमवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में काल का ग्रास बने एक ही परिवार के सदस्यों का बुधवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे में जान गंवाने वाले द्वितीय भारत आरक्षित वाहिनी सकोह में तैनात पुलिस जवान रिपन राणा को उनके पैतृक गांव गैहरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
पार्थिव देह गांव पहुंचीं तो मच गई चीख-पुकार
जब एक ही परिवार के सदस्यों की पार्थिव देह गांव पहुंचीं, तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया और वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक उठीं। इस हादसे में पिता, पुत्र (जवान रिपन), बहू, पोते और भतीजी सहित कुल 5 लोगों की असामयिक मृत्यु हुई है। बुधवार को जब पैतृक श्मशानघाट में एक साथ 4 चिताएं सजीं, तो पत्थर दिल इंसान भी रो पड़ा। पुलिस जवान रिपन राणा और उनकी पत्नी रिम्पी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। उनके साथ पिता और भतीजी की पार्थिव देह भी पंचतत्व में विलीन हो गई।
‘रिपन कुमार अमर रहे’ के गूंजे नारे, पुलिस ने दी अंतिम सलामी
पुलिस जवान रिपन राणा की अंतिम यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकाली गई। उनके पुलिस विभाग के साथियों ने नम आंखों से अपने साथी को कंधा देकर अंतिम विदाई दी। ‘रिपन कुमार अमर रहे’ के नारों के बीच अंतिम यात्रा श्मशानघाट पहुंची। यहां पुलिस के जवानों ने दिवंगत को श्रद्धासुमन अर्पित किए और गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए हवा में गोलियां दागकर अपनी अंतिम सलामी दी।
शोक में डूबा गैहरा, व्यापारियों ने बंद रखा बाजार
एक हंसते-खेलते परिवार के इस तरह खत्म हो जाने से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। दिवंगत जवान और उनके परिवार को श्रद्धांजलि देने के लिए गैहरा के सभी व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूर्ण रूप से बंद रखीं। गैहरा तथा आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान सुरजीत भरमौरी, ललित ठाकुर सहित पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। हादसे के बाद मंगलवार और बुधवार को पूरे गैहरा क्षेत्र में शोक का माहौल बना रहा।



















