आज के दौर में जहां उच्च शिक्षा, रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के लिए विदेश यात्रा को सामान्य माना जाता है, वहीं एक ऐसे IIT डायरेक्टर भी हैं, जिन्होंने आज तक न तो पासपोर्ट बनवाया है और न ही कभी विदेश यात्रा की है. इसके बावजूद वे देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक IIT मद्रास का नेतृत्व कर रहे हैं. ये हैं प्रोफेसर वी. कामकोटी (V. Kamakoti), जो IIT मद्रास के निदेशक हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने कभी विदेश जाने की जरूरत महसूस नहीं की और उनका पूरा शैक्षणिक एवं पेशेवर सफर भारत में ही रहा है.
क्यों नहीं बनवाया पासपोर्ट
प्रोफेसर कामकोटी के अनुसार, उन्होंने कभी विदेश यात्रा की आवश्यकता महसूस नहीं की. उनका कहना है कि उनका ध्यान हमेशा भारत में रहकर शिक्षा, शोध और तकनीकी विकास में योगदान देने पर रहा.
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ऐसा कभी नहीं लगा कि विदेश न जाने की वजह से उनके काम या शोध पर कोई नकारात्मक असर पड़ा है. यही कारण है कि उन्होंने आज तक पासपोर्ट भी नहीं बनवाया.
गांव से निकलकर IIT मद्रास तक का सफर
प्रोफेसर कामकोटी का बचपन तमिलनाडु के एक गांव में बीता. उन्होंने कई मौकों पर बताया है कि ग्रामीण परिवेश ने उन्हें सादगी, मेहनत और जमीन से जुड़े रहने की सीख दी.
IIT मद्रास के पूर्व छात्र हैं
प्रोफेसर वी. कामकोटी स्वयं IIT मद्रास के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने यहीं से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की और बाद में संस्थान में अध्यापन एवं शोध कार्य से जुड़े. वर्षों के अकादमिक अनुभव और शोध योगदान के बाद उन्हें IIT मद्रास का निदेशक नियुक्त किया गया.
रिसर्च और नवाचार पर विशेष जोर
उनके नेतृत्व में IIT मद्रास ने स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, 5G, साइबर-फिजिकल सिस्टम और डीप-टेक रिसर्च जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं. संस्थान लगातार स्टार्टअप इकोसिस्टम और उद्योग–अकादमिक सहयोग को मजबूत करने पर भी काम कर रहा है.
विदेश जाना सफलता की शर्त नहीं
प्रोफेसर कामकोटी का मानना है कि सफलता के लिए विदेश जाना अनिवार्य नहीं है. उनके अनुसार, अगर सही अवसर, संसाधन और समर्पण हो तो भारत में रहकर भी विश्वस्तरीय शोध, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा है कि आज के युवा विदेश में नौकरी करने की बजाय भारत में उद्यमी बनने में अधिक रुचि दिखा रहे हैं.



















