अपनी सुरीली और रूहानी आवाज से करोड़ों भारतीयों के दिलों पर राज करने वाले मशहूर पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम (Atif Aslam) ने भारत में लगे बैन को लेकर करीब 10 साल बाद चुप्पी तोड़ी है। आतिफ ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि इस पाबंदी ने उन्हें उनके सबसे बड़े ऑडियंस से दूर कर दिया, लेकिन इस अनुभव ने उन्हें एक इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट के रूप में खुद को तलाशने का मौका भी दिया। जिसके लिए उन्होंने भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया।

आतिफ असलम का हुआ था कॉन्सर्ट कैंसल

क्रिस फेड संग आतिफ असलम ने खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उन परिस्थितियों पर बात की, जिनकी वजह से उन्हें भारतीय संगीत उद्योग से दूर होना पड़ा। उन्होंने कहा, “भारत में मुझे बैन हुए लगभग 10 साल हो चुके हैं। यह भारत सरकार का फैसला था, जिसके तहत पाकिस्तानी कलाकारों पर रोक लगाई गई और फिर पाकिस्तान में भी भारतीय कलाकारों को बैन कर दिया गया।” 2016 में गुड़गांव में आतिफ का कॉन्सर्ट कैंसल कर दिया गया था, क्योंकि जिला प्रशासन ने ऑर्गनाइजर को इवेंट टालने की सलाह दी थी, जबकि राजनीतिक ग्रुप्स ने भी पाकिस्तानी कलाकारों के परफॉर्मेंस का विरोध किया था। बाद में सितंबर 2016 में, इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पास किया कि जब तक दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर नहीं हो जाते, तब तक पाकिस्तानी कलाकारों, एक्टर्स और टेक्नीशियन को काम पर नहीं रखा जाएगा। 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद, ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने भी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी कलाकारों के काम करने पर बैन लगाने की घोषणा कर दी थी।

‘म्यूजिक जहां भी पहुंचना है, वहां पहुंचेगा’

ऐसे में कई सालों तक भारत में नए गाने रिलीज न कर पाने के बावजूद, आतिफ ने कहा कि उनका म्यूजिक भारतीय सुनने वालों तक पहुंचता रहता है। उन्होंने कहा, “पिछले 10 सालों से मैंने वहां कोई गाना नहीं गाया है। मेरे फैंस VPN पर सुनते हैं और CD बर्न करके लोगों को देते हैं। ऐसा नहीं है कि मुझे पायरेसी पसंद है, लेकिन म्यूजिक जहां पहुंचना है, वहां पहुंच जाएगा।”

सिंगर ने भारतीय सुनने वालों के लिए भी एक मैसेज दिया, जो देश से बाहर होने के बावजूद उन्हें सपोर्ट करते रहे हैं। आतिफ ने कहा, “यह ठीक है कि कुछ आर्टिस्ट ऐसे हैं जिन्हें आप सुन सकते हैं, लेकिन मैं शर्त लगाता हूं कि अगर आप मुझसे बहुत प्यार करते हैं, तो आप जान जाएंगे कि मैं कहां मिल सकता हूं। मेरा म्यूज़िक आप तक जरूर पहुंचेगा।” उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके फैंस इस स्थिति से निराश हों। उन्होंने कहा, “इसके बारे में बुरा मत मानो, दुखी मत हो। मैं हमेशा तुम्हें बताना चाहता था कि मुझे तुम लोगों की याद आती है। मुझे वहां काम करने की याद नहीं आती, लेकिन मुझे तुम लोगों की याद आती है।”

‘मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने मुझे बैन किया है’

एक दिलचस्प बात शेयर करते हुए आतिफ ने कहा कि इस बैन ने उनके संगीत के सफर को एक नया मोड़ दिया है। वह बोले, “अगर मुझ पर यह बैन न लगा होता, तो शायद मैं सिर्फ बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग में उलझा रहता और कभी अपना खुद का संगीत नहीं बना पाता। इसलिए मैं उन लोगों का भी शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने मुझे बैन किया, क्योंकि इसकी वजह से मुझे खुद को एक्सप्लोर करने का मौका मिला।”

‘आदत’ से बॉलीवुड के ‘किंग ऑफ मेलोडी’ बनने का सफर

आपको बता दें कि आतिफ असलम की भारत में लोकप्रियता बॉलीवुड में आने से पहले ही पाकिस्तानी रॉक बैंड ‘जल’ के मशहूर गाने ‘आदत’ से शुरू हो चुकी थी। इसके बाद 2005 में उन्होंने फिल्म ‘जहर’ के गाने ‘वो लम्हे’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने ‘पहली नजर में’, ‘तू जाने ना’, ‘तेरा होने लगा हूं’, ‘जीना जीना’ और ‘दिल दियां गल्लां’ जैसे एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर गाने दिए, जो आज भी हर भारतीय की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।

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