चंडीगढ़: देश में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार सामने आने के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। शहर में अब तक 4 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इनमें से किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।
जी.एम.सी.एच.-32 के एम.एस. डॉ. विशाल गगलानी ने बताया कि अस्पताल में स्वाइन फ्लू से प्रभावित कुल चार मरीज इलाज के लिए भर्ती किए गए हैं। एक महिला मरीज को 18 अगस्त को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इसके बाद एक पुरुष मरीज की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। दो दिन पहले बहलाणा से एक बच्चे और पंजाब से एक अन्य मरीज को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इन चार मरीजों में से एक को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी मरीजों का इलाज जारी है। जी.एम.सी.एच.-32 में स्वाइन फ्लू से प्रभावित मरीजों के लिए पहले ही 16 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मरीजों को अलग-अलग कमरों में आइसोलेट करने की सुविधा भी उपलब्ध है। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पताल में बेड की संख्या 16 से बढ़ाकर 20 की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा- फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि सीजनल फ्लू के एक-दो मामले सामने आना सामान्य बात है। डॉक्टर मरीजों के सबसे पहले संपर्क में आते हैं, इसलिए उनमें संक्रमण का खतरा आम लोगों की तुलना में अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामलों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द या जोड़ों में दर्द जैसे लक्षणों से राहत नहीं मिलती है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्वाइन फ्लू की जांच करवाई जा सकती है।
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
H1N1 संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है। हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। खासकर 5 साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और बढ़ी हुई नमी के कारण सांस संबंधी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- तेज बुखार और शरीर में कंपकंपी
- लगातार खांसी
- गले में खराश या दर्द
- बदन और जोड़ों में दर्द
- बहुत ज्यादा कमजोरी और थकान
- सांस लेने में दिक्कत
अगर ये लक्षण लगातार बने रहते हैं या हालत बिगड़ती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
- भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं।
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखें।
- फ्लू जैसे लक्षण होने पर दूसरों से उचित दूरी बनाए रखें और डॉक्टर से संपर्क करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न लें।



















