दिल्ली में इन दिनों H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अगस्त तक राजधानी में इस साल H1N1 के 1,777 मामले सामने आ चुके है. अकेले 20 अगस्त को 114 नए H1N1 संक्रमण दर्ज किए गए. बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. हालांकि, इस बढ़ोतरी के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी ICMR ने कहा है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है. विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा स्थिति मौसमी फ्लू से जुड़ी है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही से बचना बेहद जरूरी है. ऐसे में अगर आप H1N1 की चपेट में आ चुके है, तो सिर्फ दवा लेना ही काफी नहीं है. बीमारी के दौरान आपकी कुछ आदतें रिकवरी को प्रभावित कर सकती हैं और संक्रमण के गंभीर होने का जोखिम बढ़ा सकती हैं
पुराना अनुभव समझकर लापरवाही न करें
अगर आपको पहले H1N1 हो चुका है तो यह सोचकर बेफिक्र न हो जाएं कि शरीर इसे आसानी से संभाल लेगा. फ्लू वायरस में बदलाव होते रहते हैं और हर संक्रमण का असर हमेशा एक जैसा नहीं होता. इसलिए डॉक्टर की सलाह और शरीर के संकेतों को गंभीरता से लेना जरूरी है. खासकर जिन लोगों को पहले से सांस, फेफड़े या दूसरी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें ज्यादा सतक रहना चाहिए.
खुद से न लें दवा
H1N1 होने पर अपने पुराने प्रिस्क्रिप्शन की दवाएं दोबारा शुरू कर लेना या किसी दूसरे व्यक्ति की दवा लेना सही नहीं है. हर मरीज की स्थिति अलग होती है. एंटीबायोटिक भी खुद से शुरू नहीं करनी चाहिए, क्योंकि H1N1 वायरल संक्रमण है. डॉक्टर जरूरत के अनुसार एंटीवायरल दवा या दूसरी दवाओं की सलाह देते हैं. इसलिए दवा की मात्रा और अवधि खुद तय करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बहतर है.
बीमारी में काम या एक्सरसाइज जारी न रखें
कई लोग बुखार या कमजोरी के बावजूद ऑफिस, बाहर के काम या जिम जाना जारी रखते हैं. यह गलती शरीर को रिकवर होने का पर्याप्त समय नहीं देती. H1N1 के दौरान पर्याप्त आराम करें. खासकर बुखार, शरीर में दर्द या कमजोरी रहने तक भारी व्यायाम और ज्यादा शारीरिक मेहनत से बचना चाहिए.
घर में रहते हुए भी इंफेक्शन फैलाने से बचें
अगर आपको H1N1 है तो सिर्फ अपने आराम के बारे में सोचना पर्याप्त नहीं है. वायरस परिवार के दूसरे सदस्यों तक भी पहुंच सकता है. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें, हाथों को नियमित रूप से साफ करें और जहां संभव हो, घर में अच्छी वेंटिलेशन रखें. बीमारी के दौरान भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना विशेष रूप से जरूरी है. दिल्ली में बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञों ने भी भीड़ और खराब वेंटिलेशन वाली जगहों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है.



















