चंडीगढ़/तरनतारन (सुशील, रमन): सेक्टर-43 बस स्टैंड के पीछे आई.ई.डी. के साथ पकड़े 3 युवकों ने भीड़भाड़ वाली जगह पर धमाका करना था। आरोपियों की पहचान तरनतारन के गांव सरहाली निवासी लवप्रीत सिंह, तरनतारन के गांव देवबाथ निवासी जशनप्रीत सिंह और अमृतसर के गांव तरसिक्का निवासी प्रभजीत सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि लवप्रीत और जसनप्रीत दोनों रिश्तेदार हैं।
विदेश में बैठे बब्बर खालसा इंटरनैशनल के हेंडलरों को आरोपियों ने ज्यादा से ज्यादा लोगों की भीड़ वाली जगह की फोटो और वीडियो भेजनी थी। सोमवार को आरोपियों ने भीड़ भाड़ वाली जगह की पहचान करनी थी। हेंडलरों के आदेश पर भीड़ भाड़ वाली जगह पर ब्लास्ट करना था।
ऑप्रेशन सैल ने आरोपियों के कब्जे से 6 किलो जिलेटिन छड़ें, डैटोनेटर, ऊर्जा स्रोत, दूर से संचालित प्रणाली, पिस्तौल, मैगजीन और 5 कारतूस बरामद किए। यह हथियार पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान आतंकी सतनाम सत्ता उर्फ नौशेरा ने ड्रोन के जरिए अमृतसर में भेजे थे। वहीं, ऑप्रेशन सैल ने तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में जिला अदालत में पेश कर 6 दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने तीनों आरोपियों को 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया।
वहीं लवप्रीत सिंह और जशनप्रीत सिंह के परिजनों ने उन्हें बेगुनाह बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। तरनतारन के गांव सरहाली कलां निवासी लवप्रीत सिंह (19) पेंटर का काम करता है। लवप्रीत की माता राज कौर और पिता बिट्टू सिंह ने दावा किया कि उनके बेटे की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। उधर, जशनप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि जशनप्रीत पेंटर का काम करता है। दोनों के परिजनों ने बताया कि 2 दिन पहले जशनप्रीत और लवप्रीत सिंह यात्रा पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, जिसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।



















