पंजाब में सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी बकाया महंगाई भत्ता (DA) जारी करने समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके चलते सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘कर्मचारी हमारे परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हम उनकी हर जायज चिंता को सुनने के लिए तैयार हैं। लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती। सरकार हर मुद्दे का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी, जब हड़ताल वापस ले ली जाएगी।’
‘साढ़े चार साल से मांग कर रहे कर्मचारी’
अमृतसर स्थित गुरु नानक देव अस्पताल से जुड़े पंजाब पैरामेडिकल एवं स्वास्थ्य कर्मचारी समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मचारी पिछले साढ़े चार साल से भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के खिलाफ अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करना, विभिन्न श्रेणियों के तहत नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ देना, महंगाई भत्ते (DA) की लंबित किस्तों का भुगतान करना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं के साथ-साथ मिड-डे मील कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है।
प्रस्तावित बैठकें लगातार टाले जाने का आरोप
नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों को बार-बार बैठक की तारीखें देती रही है, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अब तक उनके साथ बैठक नहीं की है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बैठकें लगातार टाली जाती रही हैं। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में तीन लाख से अधिक कर्मचारियों ने रैली में हिस्सा लिया था। वहीं, 27 अगस्त को पूरे पंजाब में सरकारी कर्मचारी पूर्ण हड़ताल कर रहे हैं और ब्लॉक, जिला तथा मुख्यालय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। नरेंद्र सिंह के मुताबिक, फार्मेसी, कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों, बिजली विभाग, पशुपालन और कृषि विभाग समेत कई सरकारी विभाग इस राज्यव्यापी विरोध में शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महंगाई बढ़ने के बावजूद पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने DA की एक भी लंबित किस्त जारी नहीं की है।



















