नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ में अब तक 584 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,482 लोग लापता हैं। इन लापता लोगों में इंफोसिस (Infosys) के CEO लक्ष गोपिसेट्टी भी शामिल हैं, जिनसे कंपनी का संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में इंफोसिस ने शुक्रवार को बयान जारी किया है। इंफोसिस ने कहा कि उसकी सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के प्रमुख लक्ष गोपिसेट्टी निजी यात्रा पर नेपाल गए थे। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो सका है। इंफोसिस ने कहा कि वह संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर उनकी तलाश कर रही है और उनसे संपर्क स्थापित करने की कोशिश में जुटी हुई है।

कंपनी ने बताया कि वह गोपिसेट्टी के परिवार के संपर्क में है और इस मुश्किल समय में उन्हें हर संभव मदद दे रही है। कंपनी ने कहा, ‘हमारी संवेदनाएं लक्ष गोपिसेट्टी और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।’ इंफोसिस ने नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और बड़ी संख्या में हुई मौतों पर भी गहरा दुख जताया है।

गोपिसेट्टी की प्रोफाइल

इंफोसिस की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लक्ष गोपिसेट्टी सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को रणनीति, तकनीक, संचालन और डिजिटल बदलाव से जुड़े मामलों में सलाह देते हैं। वह कंपनी की रणनीति और उसके क्रियान्वयन की भी निगरानी करते हैं, ताकि संस्थाओं के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। मौजूदा पद संभालने से पहले वह कंपनी में ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस एप्लीकेशंस एंड डिजिटल वर्कस्पेस सर्विस के प्रमुख रह चुके हैं।

320 भारतीय अभी भी लापता, 400 लोग तिब्बत में फंसे

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय अभी भी लापता हैं। वहीं, तिब्बत क्षेत्र में करीब 400 भारतीय फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत काठमांडू को इस संकट से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन की ओर फंसे 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच चुके हैं।

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